
मध्यप्रदेश। हवाई यात्रा अब पहले से महंगी हो गई है। दुनिया में चल रहे तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब फ्लाइट टिकट पर दिख रहा है। विमान का ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस ने किराए बढ़ा दिए हैं। इसका असर मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। अब लोगों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। कई रूट्स पर टिकट की कीमत तेजी से बढ़ी है, जिससे आम यात्रियों को परेशानी हो रही है और उनकी यात्रा का बजट बिगड़ रहा है।
दुनिया भर में चल रहे ईरान अमेरिका और अन्य देशों के बीच तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF महंगा हो गया है। इसी वजह से हवाई यात्रा पहले की तुलना में काफी महंगी होती जा रही है। इसका असर मध्यप्रदेश के यात्रियों पर पड़ रहा है, जो मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर और अन्य बड़े शहरों के लिए उड़ान भरते हैं।
मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इंदौर, भोपाल और अन्य शहरों से मुंबई और दिल्ली जैसे रूट्स पर टिकट की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहले जहां कम दाम में टिकट मिल जाता था, अब उसी रूट के लिए यात्रियों को हजारों रुपये देने पड़ेंगे।
बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण एयरलाइंस कंपनियों ने अपने किराए में फ्यूल सरचार्ज जोड़ दिया है। इसके चलते टिकट की कीमतों में 20 से 25% तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। कंपनियों का कहना है कि जब तक फ्यूल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं तब तक किराए में राहत मिलना मुश्किल है।
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इंदौर से मुंबई और दिल्ली के लिए उड़ानों में सबसे ज्यादा महंगाई देखी जा रही है। मुंबई का टिकट जो पहले लगभग 4500 रुपये के आसपास मिलता था, अब बढ़कर 6500 रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह कोलकाता रूट पर भी किराए में बड़ा उछाल देखा गया है, जहां टिकट 8500 से लेकर 12000 रुपये तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है।
समर शेड्यूल लागू होने के बाद कई शहरों के लिए सीधी उड़ानें बंद कर दी गई हैं। इससे यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है। कनेक्टिंग फ्लाइट्स के कारण यात्रा का समय भी बढ़ गया है और खर्च भी ज्यादा हो गया है। खासकर छुट्टियों के मौसम में यात्रा करने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को अब 30 से 35% तक ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। खाड़ी देशों के रास्ते बदलने से दूरी बढ़ गई है, जिससे विमान का खर्च भी बढ़ गया है।
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