
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जब अपने शहर पहुंचे, तो उनका स्वागत करने के लिए रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस भीड़ में एक मासूम बच्ची दब गई और वह दर्द से चिल्लाती रही। घटना ने पूरे माहौल को झकझोर कर रख दिया।
जैसे ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर पहुंचे, उनके समर्थक बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा हो गए। हर कोई अपने नेता की एक झलक पाने और स्वागत करने के लिए आगे बढ़ रहा था। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इसी दौरान भीड़ में फंसी एक छोटी बच्ची अचानक नीचे गिर गई। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए आगे बढ़ते रहे और किसी का ध्यान उस बच्ची पर नहीं गया। कई लोगों के पैरों तले उसका पैर दब गया।
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बच्ची दर्द से जोर-जोर से रोती और चिल्लाती रही, लेकिन अफरा-तफरी के बीच उसकी आवाज भीड़ में दब गई। लोग स्वागत में इतने व्यस्त थे कि किसी ने उसकी हालत पर ध्यान नहीं दिया।
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बच्ची के पिता भी वहीं मौजूद थे। जब उन्हें पता चला कि उनकी बेटी भीड़ में फंस गई है, तो उन्होंने तुरंत उसे खोजने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने अपनी बेटी को भीड़ से बाहर निकाला। अगर थोड़ी और देर हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पिता ने बताया कि उनकी बेटी नीचे गिर गई थी और लोग उसके ऊपर से गुजर रहे थे। वह लगातार रो रही थी, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की।
ऐसे आयोजनों में सुरक्षा और व्यवस्था सबसे जरूरी होती है, ताकि किसी भी आम इंसान, खासकर बच्चों की जान खतरे में न पड़े। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस प्रशासन भी बेबस नजर आया। इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। नतीजा यह हुआ कि स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई और एक मासूम इसकी शिकार हो गई।