Madhavi Raje Scindia Funeral : पंचतत्व में विलीन हुईं राजमाता माधवी राजे सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी मुखाग्नि

ग्वालियर।केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां एवं पूर्व दिवंगत केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की पत्नी माधवी राजे सिंधिया पंचतत्व में विलीन हो गई। सिंधिया छत्री पर राजसी परंपरा के तहत अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मां माधवी राजे को मुखाग्नि दी। इससे पहले मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराए गए।
रानी महल से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हो गई है। इससे पहले रानी महल में लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अंतिम संस्कार के लिए पंच लकड़ी की प्रक्रिया करते हुए।
राजमाता माधवी राजे सिंधिया के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया मंत्रोच्चार के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न करा रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने परंपरा के अनुसार अपना मुंडन भी कराया है।
स्थानीय छत्री क्षेत्र में माधवी राजे सिंधिया की अंत्येष्टि राजसी परंपरागत तरीके से की जाएगी। छत्री क्षेत्र में ही तत्कालीन सिंधिया रियासत के पूर्वजों की अंत्येष्टि भी की गई है।
अंतिम संस्कार में सीएम डॉ. मोहन यादव, मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, जयभान सिंह पवैया समेत कई नेता शामिल हुए हैं।
रानी महल में अंतिम दर्शन के बाद वहीं से राजमाता माधवी राजे सिंधिया की अंतिम यात्रा निकाली गई। सिंधिया छत्री पर उनका अंतिम संस्कार होगा।
माधवी राजे सिंधिया की पार्थिव देह दिल्ली से ग्वालियर एयरपोर्ट लाई गई। यहां एम्बुलेंस से रानी महल ले जाया गया। पार्थिव देह दोपहर तीन बजे तक रानी महल में अंतिम दर्शन के लिए रखी गई। यहां रानी महल में लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिस देहरी (चौखट) पर बहू बनकर रखा पहला कदम, अब उसी जयविलास पैलेस की देहरी से अंतिम विदाई। जय विलास पैलेस में माधवी राजे की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के लिए लोग राजमाता अमर रहें के नारे भी लगा रहे थे।
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ज्योतिरादित्य ने दी मुखाग्नि
https://twitter.com/psamachar1/status/1791094524611359087 बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मां माधवी राजे को मुखाग्नि दी। उन्हें नमन कर अंतिम विदाई दी।पंच लकड़ी की प्रक्रिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अंतिम संस्कार के लिए पंच लकड़ी की प्रक्रिया करते हुए।
अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
राजमाता माधवी राजे सिंधिया के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया मंत्रोच्चार के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न करा रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने परंपरा के अनुसार अपना मुंडन भी कराया है।
राजसी परंपरा से हो रही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
स्थानीय छत्री क्षेत्र में माधवी राजे सिंधिया की अंत्येष्टि राजसी परंपरागत तरीके से की जाएगी। छत्री क्षेत्र में ही तत्कालीन सिंधिया रियासत के पूर्वजों की अंत्येष्टि भी की गई है।
छत्री पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव
अंतिम संस्कार में सीएम डॉ. मोहन यादव, मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, जयभान सिंह पवैया समेत कई नेता शामिल हुए हैं।
CM डॉ. मोहन यादव ने अर्पित की श्रद्धांजलि
https://twitter.com/psamachar1/status/1791089501663809587 सीएम डॉ. मोहन यादव ने राजमाता माधवी राजे सिंधिया की पार्थिव देह के दर्शन कर उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए।CM डॉ. मोहन यादव ने जताया दुख
https://twitter.com/psamachar1/status/1791080594560233566अंतिम यात्रा में उमड़े लोग
रानी महल में अंतिम दर्शन के बाद वहीं से राजमाता माधवी राजे सिंधिया की अंतिम यात्रा निकाली गई। सिंधिया छत्री पर उनका अंतिम संस्कार होगा।
अंतिम सफर पर माधवी राजे सिंधिया
https://twitter.com/psamachar1/status/1791070217159975409 राजमाता माधवी राजे सिंधिया की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है। रानी महल से छत्री के लिए रवाना हुई अंतिम यात्रा। गर्मी के बावजूद हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए हैं। कुछ ही देर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।मंत्री और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत कई भाजपा नेता राजमाता के अंतिम दर्शन करने पहुंचे। इसके अलावा भितरवार विधायक मोहन सिंह, मंत्री तुलसी सिलावट, पूर्व मंत्री इमरती देवी समेत बड़ी संख्या में पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की।अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे लोग
माधवी राजे सिंधिया की पार्थिव देह दिल्ली से ग्वालियर एयरपोर्ट लाई गई। यहां एम्बुलेंस से रानी महल ले जाया गया। पार्थिव देह दोपहर तीन बजे तक रानी महल में अंतिम दर्शन के लिए रखी गई। यहां रानी महल में लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिस देहरी (चौखट) पर बहू बनकर रखा पहला कदम, अब उसी जयविलास पैलेस की देहरी से अंतिम विदाई। जय विलास पैलेस में माधवी राजे की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के लिए लोग राजमाता अमर रहें के नारे भी लगा रहे थे।












