अनंत के सफर पर चली गईं ग्वालियर की राजमाता, दिल्ली में ली माधवी राजे ने अंतिम सांस

दिल्ली/ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां और ग्वालियर राजघराने की राजमाता 76 वर्षीय माधवी राजे सिंधिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। बुधवार सुबह करीब 9.28 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी हालत पिछले कुछ महीनों से नाजुक बनी हुई थी। उन्हें उपचार के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत गंभीर होने के कारण वेंटिलेटर पर रखा गया था। राजमाता का जन्म 12 फरवरी सन् 1948 को हुआ था।
https://twitter.com/psamachar1/status/1790617847686963347
सांस लेने में हो रही थी तकलीफ
हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया था कि, राजमाता माधवी राजे को सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें 15 फरवरी को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। इसी साल 6 मार्च को भी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उस समय भी उनकी हालत नाजुक थी और उनको लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम पर रखा गया था।
नेपाल राजघराने से था नाता
माधवी राजे सिंधिया मूल रूप से नेपाल राजघराने से नाता रखती थीं। उनके दादा शमशेर जंग बहादुर राणा नेपाल के पीएम भी रह चुके हैं। विवाह से पहले उनका नाम प्रिंसेस किरण राज्यलक्ष्मी देवी था। 1966 में उनका विवाह ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार के तत्कालीन राजकुमार माधवराव सिंधिया से हुआ था। माधव राव सिंधिया के निधन के बाद से माधवी राजे ज्यादा समय दिल्ली में ही रहती थीं। हालांकि यदा-कदा वे सिंधिया स्कूल और फाउंडेशन के कुछ कार्यक्रमों के अलावा पारिवारिक समारोहों में भाग लेने के लिए ग्वालियर आती थीं।












