रेसलर विनेश फोगाट बनीं मां : दिल्ली में बेटे को दिया जन्म, वजन ज्यादा होने पर पेरिस ओलिंपिक से हुईं थीं बाहर

जींद। हरियाणा की जुलाना सीट से कांग्रेस विधायक और देश की दिग्गज महिला रेसलर विनेश फोगाट ने मंगलवार सुबह एक बेटे को जन्म दिया। यह खुशी उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मिली, जहां मंगलवार सुबह 9 बजे ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी हुई। विनेश और उनका बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस खबर के सामने आने के बाद खेल जगत, राजनीतिक क्षेत्र और उनके प्रशंसकों में बधाइयों का तांता लग गया है।
इंस्टाग्राम से की थी प्रेग्नेंसी की घोषणा
6 मार्च 2025 को विनेश ने अपने प्रेग्नेंसी की जानकारी इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए साझा की थी। उन्होंने अपने पति सोमवीर राठी के साथ एक खूबसूरत तस्वीर साझा कर लिखा था – “Our love story continues with a new chapter”। साथ ही उन्होंने पोस्ट में बच्चे के पैरों के निशान और प्यार का प्रतीक भी साझा किया था।
रेसलिंग की ‘शेरनी’ से बनीं मजबूत प्रेमिका
विनेश फोगाट और सोमवीर राठी की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। 17 साल की उम्र में विनेश को सोमवीर से प्यार हुआ। सोमवीर ने अपने दोस्तों की मदद से विनेश का नंबर हासिल करने की कोशिश की, जो गलती से उनकी मां का निकला। जब सोमवीर ने पहली बार कॉल कर दोस्ती की बात कही, तो विनेश ने फोन काट दिया और धमकी तक दे दी – “दुबारा फोन किया तो हड्डियां तोड़ दूंगी”।
लेकिन फिर भी सोमवीर ने हार नहीं मानी। दो साल तक उन्होंने हर दिन एक शायरी भेजी, जिसे विनेश पढ़ती रहीं और धीरे-धीरे उनके मन में भी जगह बनती गई।
नौकरी में साथ और फिर एयरपोर्ट पर प्रपोजल
दोनों को रेलवे में खेल कोटे से नौकरी मिली, जहां उनकी दोस्ती और गहरी हुई। 2018 में जब विनेश ने जकार्ता एशियन गेम्स में गोल्ड जीता, तो वापसी पर सोमवीर ने दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें प्रपोज किया और अंगूठी पहनाई। फिर उसी साल 13 दिसंबर को हरियाणा में दोनों ने शादी कर ली। इस शादी में 8 फेरे लिए गए- सात पारंपरिक और आठवां “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी खिलाओ” की शपथ के साथ।
खेल, संघर्ष और राजनीति का मिला संगम
- 2016 में विनेश को अर्जुन अवॉर्ड मिला।
- 2020 में उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया।
- 2023 में कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ उन्होंने आंदोलन में हिस्सा लिया।
- 2024 पेरिस ओलंपिक में वह फाइनल तक पहुंचीं लेकिन 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य ठहराई गईं और संन्यास ले लिया।
राजनीति में धमाकेदार एंट्री
संन्यास के बाद विनेश ने कांग्रेस पार्टी जॉइन की और जींद जिले के जुलाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार योगेश बैरागी को 6015 वोटों से हराकर जीत दर्ज की और विधायक बनीं।











