बेटमा में कांग्रेस का प्रदर्शन:छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
बेटमा। धरने को संबोधित करते हुए मोती सिंह पटेल ने छात्रों पर बल प्रयोग को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ हुई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
पेपर लीक के मामलों को लेकर जताई चिंता
धरने को संबोधित करते हुए मोती सिंह पटेल ने कहा कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कांग्रेस का दावा है कि पेपर लीक से निराश होकर कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। जिसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
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केंद्र सरकार के सामने रखीं 4 प्रमुख मांगें
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच, दोषी पुलिस अधिकारियों और संबंधित जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा और पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग शामिल है।
नारेबाजी के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो', 'छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करो', 'पीड़ित परिवारों को एक करोड़ मुआवजा दो' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस प्रभारी सत्यनारायण जाट, मलिक खान, सचिन सोनी, नरेंद्र मकवाना, अमित पटेल, युसुफ पटेल, हर्षित मंडलोई, कमल जिंदल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उपस्थित रहे।
Edited By: Rohit Sharma














