अमरनाथ यात्रा 2026:श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़, 9 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह फुल

जम्मू कश्मीर। पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर इस साल भी श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह देखने को मिल रहा है। देशभर से हजारों लोग बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बेस कैंप और रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या इस बार अनुमान से कहीं ज्यादा है। यही वजह है कि व्यवस्थाओं पर दबाव भी बढ़ गया है। जम्मू प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारू रूप से चलती रहे।
बिना रजिस्ट्रेशन पहुंच रहे यात्री
इस समय सबसे बड़ी समस्या उन श्रद्धालुओं की है जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया और अब सीधे जम्मू पहुंचकर तत्काल पंजीकरण कराने की कोशिश कर रहे हैं।
जम्मू डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार के मुताबिक, इस बार बड़ी संख्या में ऐसे यात्री पहुंचे हैं जिनके पास पहले से कोई स्लॉट बुकिंग नहीं है। यही वजह है कि रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर भारी भीड़ लग रही है और सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि तत्काल पंजीकरण की क्षमता सीमित है और इसे रोजाना निर्धारित कोटे के हिसाब से ही जारी किया जाता है।
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9 जुलाई तक ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन फुल
प्रशासन ने जानकारी दी है कि ऑन-द-स्पॉट यानी मौके पर होने वाला रजिस्ट्रेशन 9 जुलाई तक पूरी तरह भर चुका है। इसका मतलब यह है कि अब 9 जुलाई तक नए यात्रियों के लिए कोई नया टोकन या स्लॉट उपलब्ध नहीं है। जो यात्री बिना रजिस्ट्रेशन के जम्मू पहुंच रहे हैं, उन्हें फिलहाल इंतजार करना होगा। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत लागू की गई है, जिसमें हर दिन यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखी जाती है ताकि सुरक्षा और प्रबंधन बेहतर हो सके।
रजिस्टर्ड यात्रियों को प्राथमिकता
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन श्रद्धालुओं ने पहले से रजिस्ट्रेशन कराया है और जिनकी यात्रा की तारीख तय हो चुकी है, उन्हें पूरी प्राथमिकता दी जा रही है।
ऐसे यात्रियों को बिना किसी बाधा के यात्रा मार्ग पर आगे भेजा जा रहा है। प्रशासन, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और सुरक्षा बल मिलकर उनके लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यात्रा मार्गों चाहे वह बालटाल रूट हो या पहलगाम रूट दोनों पर सुरक्षा और मेडिकल सहायता के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
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बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा पर रोक, चेक पोस्ट पर सख्ती
प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है कि बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।अगर कोई यात्री बालटाल या पहलगाम मार्ग से आगे बढ़ने की कोशिश करता है, तो उसे चेक पोस्ट पर ही रोक दिया जाएगा।
अधिकारियों ने साफ कहा है कि ऐसे यात्रियों को तुरंत वापस भेजा जाएगा और उन्हें 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति मिल सकेगी।
इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हैं। चेक पोस्ट और ट्रैकिंग प्वाइंट्स पर निगरानी बनाए हुए है।
यात्रियों से की अभी यात्रा टालने की अपील
जम्मू डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जिन लोगों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे फिलहाल जम्मू आने की योजना न बनाएं।उनका कहना है कि 9 जुलाई तक स्थिति पूरी तरह भरी हुई है, इसलिए बिना रजिस्ट्रेशन पहुंचना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यात्री कुछ दिन इंतजार करते हैं तो उन्हें बेहतर व्यवस्था और कम भीड़ का लाभ मिलेगा।
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यात्रा संचालन और मौजूदा आंकड़े
प्रशासन के अनुसार, यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से सुचारू रूप से की गई थी। अब तक हजारों श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से यात्रा कर चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ तीन दिनों में ही 13 हजार से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम रूट से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना किए जा चुके हैं।यात्रा का संचालन पूरी तरह से निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
बालटाल और पहलगाम रूट पर सख्त निगरानी
दोनों प्रमुख मार्गों बालटाल और पहलगाम पर सुरक्षा और प्रबंधन को मजबूत किया गया है। हर चेक पोस्ट पर रजिस्ट्रेशन की जांच की जा रही है और केवल वैध यात्रियों को ही आगे बढ़ने दिया जा रहा है। मेडिकल टीम, आपदा प्रबंधन दल और सुरक्षा बल लगातार तैनात हैं ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।











