वाहन चेकिंग में बड़ा खुलासा!लखनऊ में BMW से 26 लाख रुपए बरामद, डिग्गी के लॉकर में छिपाई गई थी रकम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नियमित वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसा मामला लगा, जिसने सभी को हैरान कर दिया। आशियाना थाना क्षेत्र में स्मृति उपवन के पास पुलिस संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक लग्जरी BMW कार और उसके साथ चल रही एक स्कॉर्पियो को रोककर जांच की गई।
शुरुआत में मामला सामान्य लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने पूछताछ और तलाशी शुरू की, एक के बाद एक ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।
दस्तावेज मांगने पर नहीं दे सके जवाब
पुलिस ने सबसे पहले दोनों वाहनों के दस्तावेज मांगे। लेकिन कार में सवार युवक कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा सके। इससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। जब उनसे पूछा गया कि वे वहां क्या कर रहे हैं, तो युवकों ने बताया कि वे BMW में रखी नकदी की गिनती कर रहे थे। उनका यह जवाब पुलिस को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार की पूरी तलाशी लेने का फैसला किया गया।
डिग्गी के गुप्त लॉकर से निकले 26 लाख
तलाशी के दौरान पुलिस ने BMW की डिग्गी खोली। डिग्गी में बने एक गुप्त लॉकर की जांच की गई तो उसमें से 500-500 रुपये के नोटों की 52 गड्डियां मिलीं। पुलिस ने जब नोटों की गिनती कराई तो कुल रकम 26 लाख निकली। इतनी बड़ी नकदी एक लग्जरी कार के गुप्त लॉकर में मिलने से मौके पर मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए।
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नकदी का नहीं बता सके कोई वैध स्रोत
पुलिस ने तीनों युवकों से पूछा कि यह पैसा किसका है और कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही नकदी से जुड़े दस्तावेज या कोई वैध प्रमाण भी मांगे गए। हालांकि, युवक नकदी के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। वे यह भी स्पष्ट नहीं कर पाए कि इतनी बड़ी रकम उनके पास क्यों थी। इसी वजह से पुलिस को मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध लगा।
आयकर विभाग को दी गई सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत आयकर विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नकदी को लेकर अपनी कानूनी जांच शुरू कर दी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद 26 लाख रुपये कहां से आए, इनका असली मालिक कौन है और इन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
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BMW और स्कॉर्पियो दोनों वाहन किए गए सीज
चूंकि वाहन सवार न तो गाड़ियों के पूरे दस्तावेज दिखा सके और न ही नकदी का संतोषजनक जवाब दे पाए, इसलिए पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया। BMW और उसके साथ चल रही स्कॉर्पियो को सीज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस दोनों वाहनों के रजिस्ट्रेशन, मालिकाना हक और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
तीन युवकों की हुई पहचान
पुलिस ने इस मामले में जिन तीन युवकों को पकड़ा है, उनकी पहचान कर ली गई है। इनमें शिवांशु पाण्डेय (21 वर्ष) निवासी डिफेंस कॉलोनी, तेलीबाग, रोचमन वर्मा (19 वर्ष) निवासी सेक्टर-एन, आशियाना कॉलोनी और रचित ठाकुर उर्फ अथर्व (21 वर्ष) निवासी पंडित खेड़ा, अनोरा, सरोजनीनगर शामिल हैं। तीनों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि नकदी और वाहनों से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।
किराये पर गाड़ियां चलाने का दावा
एसीपी कैंट सुजीत पांडेय के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में तीनों युवकों ने बताया है कि वे किराये पर गाड़ियां उपलब्ध कराने का काम करते हैं। हालांकि, केवल इतना दावा करने से मामला खत्म नहीं हो जाता। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि बरामद नकदी का उनके व्यवसाय से कोई संबंध है या नहीं। यदि पैसा वैध है तो उसके दस्तावेज क्यों नहीं थे और उसे गुप्त लॉकर में रखकर क्यों ले जाया जा रहा था।











