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रिश्ते का कत्ल :पत्नी, मंगेतर के बाद अब बेटी दगाबाज, नौकरी और प्रॉपर्टी पाने के लिए अपनी मां को ही SUV से कुचलवाया

इंदौर में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम और पुणे में केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया की दगाबाजी के बाद अब एक बेटी पर मां की हत्या करवाने का आरोप है।पुलिस ने पड़ताल के बाद खुलासा किया है कि सरकारी नौकरी पाने के लिए एक बेटी ने अपनी मां को कार से कुचलवा दिया।
पत्नी, मंगेतर के बाद अब बेटी दगाबाज, नौकरी और प्रॉपर्टी पाने के लिए अपनी मां को ही SUV से कुचलवाया
मृतक महिला नीरज शर्मा और आरोपी बेटी आयुषी शर्मा।

नेशनल डेस्क। जयपुर में 4 जुलाई को हुई महिला नीरज शर्मा की मौत को शुरुआत में सड़क हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत की गई हत्या थी। पुलिस ने इस मामले में मृतका की बेटी आयुषी शर्मा, जेठ मोहन समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी बलराम अभी फरार है।

नौकरी और संपत्ति के लालच में रची गई साजिश

डीसीपी जयपुर ईस्ट रंजिता शर्मा के अनुसार, प्रताप नगर थाना क्षेत्र में स्कॉर्पियो से कुचलकर नीरज शर्मा की हत्या कराई गई। नीरज के पति कोर्ट में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे और करीब एक वर्ष पहले उनका निधन हो गया था। इसके बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत नीरज को नौकरी मिली थी। पुलिस जांच में सामने आया कि उनकी 24 वर्षीय बेटी आयुषी इस नौकरी को हासिल करना चाहती थी। इसी लालच में उसने अपने ताऊ मोहन और चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर मां की हत्या की साजिश रची।

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सात लाख की सुपारी देकर कराया कत्ल 

पुलिस के मुताबिक, आयुषी, मोहन और बलराम ने अपने रिश्तेदार हेमंत को सात लाख रुपए की सुपारी देकर हत्या की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद हेमंत ने अपने साथियों आकाश, अरविंद, रोहित और मोहित के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने स्कॉर्पियो से नीरज शर्मा को जानबूझकर टक्कर मारकर हत्या की और इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने इस साजिश में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बलराम की तलाश जारी है। सभी आरोपी भरतपुर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

भाई के शक ने खोली पूरे हत्याकांड की पोल 

मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा को शुरुआत से ही हादसे की कहानी पर संदेह था। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी बहन लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थी। राकेश के अनुसार, नीरज कई बार फोन पर बताती थीं कि उनकी बेटी, जेठ और जेठ का बेटा नौकरी और संपत्ति को लेकर उन्हें प्रताड़ित करते थे। इसी आधार पर उन्होंने हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की।

सीसीटीवी और पूछताछ से सामने आया सच 

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने महिला को जानबूझकर टक्कर मारी थी। इसके बाद पुलिस ने वाहन और उसके चालक तक पहुंच बनाई। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गए और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। मामले की जांच में कांस्टेबल दयाराम और गणेश की विशेष भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से पुलिस को अहम सुराग मिले।

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फरार आरोपी की तलाश जारी 

पुलिस अब फरार आरोपी बलराम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई थी तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। यह मामला इंदौर के राजा रघुवंशी-सोनम रघुवंशी, पुणे के केतन अग्रवाल- सिया गोयल जैसे रिश्तों में लालच और विश्वासघात की डरावनी तस्वीर सामने लाता है।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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