कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली HC से राहत...एक्स पर लगा बैन हटा, जानें सरकार ने क्या दलीलें दी?

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के X अकाउंट को फिर से चालू करने का आदेश दिया है। यह फैसला CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर सुनाया गया। अदालत ने केंद्र सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत मई 2026 में CJP का अकाउंट भारत में ब्लॉक कराया गया था। कोर्ट ने कहा कि जिस वजह से अकाउंट ब्लॉक किया गया था, वह अब खत्म हो चुकी है, इसलिए प्रतिबंध जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।
सरकार ने क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि 21 जून को हुए NEET री-टेस्ट से पहले CJP की कुछ पोस्ट छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम और अफरा-तफरी फैला सकती थीं। इसी आशंका को देखते हुए X को अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया था। सरकार ने कहा कि यह कदम केवल परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए उठाया गया था।
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कोर्ट ने क्यों हटाया प्रतिबंध?
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि अब NEET री-टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। ऐसे में सरकार द्वारा दिया गया कारण अब लागू नहीं होता। अदालत ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंधों की न्यायिक कसौटी पर जांच जरूरी है और बिना उचित आधार के ऐसे प्रतिबंध जारी नहीं रखे जा सकते। इसी आधार पर कोर्ट ने ब्लॉकिंग आदेश रद्द करते हुए X को CJP का अकाउंट तत्काल प्रभाव से बहाल करने का निर्देश दिया।
कैसे बनी CJP
'कॉकरोच जनता पार्टी' की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक पहल के रूप में हुई थी। शुरुआती दिनों में इसे एक मीम प्लेटफॉर्म माना गया, लेकिन धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिलने लगा। इसके बाद यह मंच विभिन्न सरकारी नीतियों और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला अभियान बन गया।
इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनने के महज पांच दिनों के भीतर CJP के 1.35 करोड़ फॉलोअर्स हो गए थे। फिलहाल इंस्टाग्राम पर इसके 2.19 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं। X पर भी इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता चर्चा का विषय रही थी।
5 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला
- 21 मई 2026 को अकाउंट ब्लॉक हुआ
केंद्र सरकार के निर्देश पर X ने भारत में CJP का आधिकारिक अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था। - सरकार की क्या चिंता थी?
सरकार का कहना था कि NEET री-टेस्ट से पहले की गई कुछ पोस्ट छात्रों और अभिभावकों में भ्रम फैला सकती हैं। - अभिजीत दिपके कोर्ट क्यों पहुंचे?
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार के ब्लॉकिंग आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। - कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
हाई कोर्ट ने कहा कि परीक्षा खत्म हो चुकी है, इसलिए प्रतिबंध का आधार भी खत्म हो गया है और अकाउंट बहाल किया जाना चाहिए। - फैसले का क्या महत्व है?
अदालत ने साफ किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए गए सरकारी प्रतिबंधों की न्यायिक समीक्षा जरूरी है और ऐसे आदेश अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखे जा सकते।











