केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के ऑफिस में बड़ा बदलाव:तीन अफसर हटाए गए, आखिर क्या है पूरा मामला?

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में जारी इस आदेश ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में कार्यरत तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
निजी सचिव अमर सिंह को मूल कैडर में भेजा गया
मंत्रालय के आदेश के अनुसार, वर्ष 2010 बैच के आईआरएस अधिकारी अमर सिंह, जो केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके मूल कैडर राजस्व विभाग में वापस भेज दिया गया है। आदेश में स्पष्ट रूप से उन्हें अपने मूल विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला 2 जुलाई को जारी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के आदेश के आधार पर लिया गया है।
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दो और अधिकारियों को भी पद से किया गया मुक्त
अमर सिंह के अलावा एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी शैलेश कुमार सिंह को भी समय से पहले उनके मूल कैडर में वापस भेजा गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी आयुष शरण को भी सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद पद से मुक्त कर दिया गया है। तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया गया है।
3 जुलाई को जारी हुआ आधिकारिक आदेश
इस प्रशासनिक फेरबदल को लेकर पर्यावरण मंत्रालय ने 3 जुलाई 2026 को आधिकारिक कार्यालय आदेश जारी किया था। यह आदेश उप सचिव विभूति पंजियार के हस्ताक्षर से जारी हुआ है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देशों और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद लिया गया है। इससे साफ है कि पूरी प्रक्रिया तय प्रशासनिक नियमों के तहत पूरी की गई है।
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पीएमओ समेत कई अहम कार्यालयों को भेजी गई आदेश की प्रति
मंत्रालय द्वारा जारी इस आदेश की प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और अन्य संबंधित कार्यालयों को भी भेजी गई है। इससे इस फैसले के प्रशासनिक महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। मंत्रालय ने आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश भी जारी किए हैं। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
नए निजी सचिव को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं
भूपेंद्र यादव के कार्यालय में हुए इस बड़े बदलाव के बाद अब सबसे बड़ा सवाल नए निजी सचिव की नियुक्ति को लेकर है। फिलहाल मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। साथ ही अधिकारियों को हटाने की वजह भी सार्वजनिक नहीं की गई है।












