Jaipur Bulldozer Action:5 धार्मिक स्थलों पर चला बुलडोजर, नूरानी मस्जिद का हिस्सा गिराया, 24 घंटे इंटरनेट बंद

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के तहत शहर के 5 धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। इनमें नूरानी मस्जिद, एक मजार, दो छोटे मंदिर और एक सत्संग भवन शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कार्रवाई के दौरान किसी तरह का तनाव या कानून-व्यवस्था की समस्या न हो, इसके लिए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही एहतियात के तौर पर 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
नूरानी मस्जिद पर शुरू हुई तोड़फोड़
मालवीय नगर के नंदपुरी इलाके में स्थित नूरानी मस्जिद पर सुबह से बुलडोजर चलना शुरू हो गया। प्रशासन ने मस्जिद के आधे हिस्से को तोड़ दिया है। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरा बनाकर सील कर दिया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। बताया जा रहा है कि जहां मस्जिद स्थित है, वहां सड़क चौड़ीकरण का काम होना है। प्रशासन के अनुसार, इस निर्माण को अतिक्रमण की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
45 साल पुरानी है नूरानी मस्जिद
नूरानी मस्जिद का निर्माण वर्ष 1981 में हुआ था। मस्जिद कमेटी का दावा है कि यह करीब 391 वर्ग गज जमीन पर बनी हुई है और पिछले 45 वर्षों से यहां नियमित रूप से नमाज अदा की जा रही है। कमेटी का कहना है कि मस्जिद को हटाने का नोटिस उन्हें पर्याप्त समय दिए बिना दिया गया। उनका दावा है कि जिस जमीन पर मस्जिद बनी है, वह एक ऐसी हाउसिंग सोसाइटी से खरीदी गई थी जिसे जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की मंजूरी प्राप्त थी।
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3000 पुलिसकर्मी और RAC की 12 कंपनियां तैनात
कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जयपुर पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में लगभग 3000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। इसके अलावा राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) की 12 कंपनियों को भी लगाया गया है।
ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं पर रोक
प्रशासन को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा सकती है। इसी वजह से शहर के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, इंटरनेट मैसेजिंग सेवाएं और बल्क SMS पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि, सरकारी और आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
किन धार्मिक स्थलों पर हो रही कार्रवाई?
जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से जिन पांच धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की जा रही है, उनमें शामिल हैं-
- नूरानी मस्जिद
- एक मजार
- दो छोटे मंदिर
- एक सत्संग भवन
प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आने वाले सभी निर्माणों को हटाया जा रहा है और कार्रवाई किसी एक समुदाय को निशाना बनाकर नहीं की जा रही है।
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सड़क चौड़ीकरण से खत्म होगा जाम
JDA के अनुसार, नंदपुरी अंडरपास क्षेत्र में लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है। सड़क संकरी होने के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क चौड़ी होने के बाद नंदपुरी से जगतपुरा तक सीधा मार्ग उपलब्ध होगा। इससे करीब 50 कॉलोनियों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी।
पहले भी जारी किए गए थे नोटिस
जयपुर विकास प्राधिकरण के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए कुल 143 लोगों और संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 134 मकानों पर 22 मई को कार्रवाई की जा चुकी है। उस समय धार्मिक स्थलों को नहीं हटाया गया था। लेकिन प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि परियोजना के दायरे में आने वाली बाकी संपत्तियों पर भी आगे कार्रवाई की जाएगी।
वैकल्पिक जमीन देने का प्रस्ताव
मस्जिद विवाद के बीच JDA अधिकारियों ने दावा किया है कि मस्जिद से जुड़े लोगों को खो नागोरियन क्षेत्र में लगभग 1100 वर्ग गज वैकल्पिक जमीन देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।
शांति बनाए रखने की अपील
जयपुर प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है।











