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AICC के सेक्रेटरी सूरज हेगड़े का निधन :कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत, राहुल-खड़गे समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और AICC सचिव सूरज हेगड़े का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सचिन पायलट और कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। जानिए कौन थे सूरज हेगड़े और कांग्रेस संगठन में उनका योगदान।
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कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत, राहुल-खड़गे समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सेक्रेटरी सूरज हेगड़े की कार्डियक अरेस्ट से मौत।

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी को सोमवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव और कर्नाटक सरकार की गारंटी इम्प्लीमेंटेशन कमेटी के उपाध्यक्ष सूरज हेगड़े का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि, उन्होंने रविवार देर रात अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही कांग्रेस संगठन में शोक की लहर दौड़ गई।

करीब 55 वर्षीय सूरज हेगड़े लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े हुए थे। उन्होंने युवा कांग्रेस से लेकर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। संगठनात्मक राजनीति में उनकी पहचान एक मेहनती, सहज और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में थी।

उनके निधन पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, सचिन पायलट, जीतू पटवारी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख जताया है।

राहुल गांधी ने कहा- कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सूरज हेगड़े के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि, सूरज हेगड़े कांग्रेस की विचारधारा में गहरा विश्वास रखते थे और उन्होंने अपना जीवन संगठन को मजबूत बनाने में लगाया।

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राहुल गांधी ने कहा कि, युवा कांग्रेस उनके लिए सिर्फ एक संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं थी, बल्कि युवाओं को तैयार करने का एक मिशन था। उन्होंने ऐसे कई युवा नेताओं को मार्गदर्शन दिया जो आज कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि, उनका निधन कांग्रेस परिवार के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने याद किए पुराने दिन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सूरज हेगड़े के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। खड़गे ने कहा कि, वे सूरज हेगड़े को उनके किशोरावस्था के दिनों से जानते थे। उन्होंने उन्हें एक समर्पित कार्यकर्ता से जिम्मेदार राजनीतिक नेता बनते हुए देखा था। उन्होंने कहा कि, सूरज हेगड़े ने युवा कांग्रेस और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने अपने दादा देवराज उर्स की राजनीतिक विरासत और मूल्यों को भी पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया।

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केसी वेणुगोपाल बोले- संगठन के लिए हमेशा समर्पित रहे

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सूरज हेगड़े ने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से संगठन की सेवा की। उन्होंने कहा कि हेगड़े ने कांग्रेस की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी विशेष पहचान थी।

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पवन खेड़ा का भावुक संदेश

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सूरज हेगड़े को याद करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही बेंगलुरु में उनसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि हमेशा मुस्कुराने वाले सूरज हेगड़े से इतनी जल्दी बिछड़ने की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। पवन खेड़ा ने उन्हें भावुक श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।

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जीतू पटवारी और सचिन पायलट ने भी जताया दुख

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सूरज हेगड़े की संगठन के प्रति निष्ठा, कार्यकर्ताओं के प्रति स्नेह और कांग्रेस विचारधारा के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सूरज हेगड़े ने अनेक युवा कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वहीं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने उनके निधन को कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

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कौन थे सूरज हेगड़े?

सूरज हेगड़े सिर्फ कांग्रेस संगठन के नेता नहीं थे, बल्कि कर्नाटक की राजनीति में एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से भी आते थे। वे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के प्रमुख ओबीसी नेताओं में गिने जाने वाले देवराज उर्स के पोते थे। देवराज उर्स को कर्नाटक में भूमि सुधारों और पिछड़े वर्गों को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने के लिए याद किया जाता है। सूरज हेगड़े ने भी अपने राजनीतिक जीवन में इसी सामाजिक और संगठनात्मक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

सूरज हेगड़े का राजनीतिक प्रोफाइल

विवरण

जानकारी

नाम

सूरज हेगड़े

पद

AICC सचिव

अन्य जिम्मेदारी

उपाध्यक्ष, गारंटी इम्प्लीमेंटेशन कमेटी (कर्नाटक)

पूर्व पद

भारतीय युवा कांग्रेस प्रभारी

पूर्व पद

KPCC उपाध्यक्ष

निधन

7 जून 2026 (देर रात)

कारण

कार्डियक अरेस्ट

उम्र

लगभग 55 वर्ष

पारिवारिक विरासत

पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स के पोते

युवा कांग्रेस से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर

सूरज हेगड़े का राजनीतिक सफर संगठनात्मक राजनीति से शुरू हुआ था। उन्होंने भारतीय युवा कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाई और बाद में संगठन के प्रभारी के रूप में भी काम किया। युवा कांग्रेस के साथ काम करते हुए उन्होंने हजारों युवा कार्यकर्ताओं को राजनीति और संगठन से जोड़ने का काम किया। कांग्रेस के कई वर्तमान युवा नेता उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं। जानकारी के अनुसार, सूरज हेगड़े उन नेताओं में शामिल थे जो कैमरों से ज्यादा संगठन पर ध्यान देते थे। यही वजह थी कि पार्टी नेतृत्व उन्हें एक भरोसेमंद संगठनकर्ता के रूप में देखता था।

कर्नाटक की राजनीति में भी थी मजबूत पहचान

सूरज हेगड़े सिर्फ राष्ट्रीय राजनीति तक सीमित नहीं थे। कर्नाटक कांग्रेस में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। वे कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के उपाध्यक्ष रह चुके थे। इसके अलावा राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने वाली समिति में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार समेत राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय थे सूरज हेगड़े

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक सूरज हेगड़े की सबसे बड़ी ताकत उनकी संगठनात्मक क्षमता थी। वे पार्टी के बड़े नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत कड़ी माने जाते थे। युवा कांग्रेस के दौर में उन्होंने बड़ी संख्या में युवाओं को संगठन से जोड़ा। कई मौजूदा नेता ऐसे हैं जिन्होंने उनके साथ काम करते हुए राजनीति सीखी। इसी वजह से उनके निधन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि संदेश साझा किए।

कांग्रेस संगठन के लिए क्यों मानी जा रही बड़ी क्षति?

सूरज हेगड़े उन नेताओं में शामिल थे जो चुनावी राजनीति से ज्यादा संगठन को मजबूत करने पर जोर देते थे। पार्टी के भीतर उन्हें रणनीतिक सोच और कार्यकर्ताओं से संवाद बनाए रखने वाले नेता के रूप में देखा जाता था। ऐसे समय में जब कांग्रेस संगठन को कई राज्यों में मजबूत करने की कोशिश कर रही है, उनका अचानक निधन पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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