ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में हादसा, बारूद भरते समय कर्मचारी का हाथ झुलसा

जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के फीलिंग-2 सेक्शन में बारूद भरने के दौरान कर्मचारी वासुदेव राम का हाथ झुलस गया। साथी कर्मचारी के अनुसार चिंगारी निकलने से हादसा हुआ। फैक्ट्री अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऑर्डनेंस फैक्ट्री की स्थापना 1943 में हुई थी और यहां गोला-बारूद सहित रक्षा उपकरणों का उत्पादन होता है।
ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में हादसा, बारूद भरते समय कर्मचारी का हाथ झुलसा
जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के फीलिंग-2 सेक्शन में बारूद भरने के दौरान कर्मचारी झुलसा

जबलपुर। ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में बारूद भरने के दौरान एक कर्मचारी का हाथ झुलस गया। हादसा फैक्ट्री के फीलिंग-2 सेक्शन में हुआ। घायल कर्मचारी को पहले फैक्ट्री अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चिंगारी निकलने से हुआ हादसा

साथी कर्मचारी शिवेंद्र रजक के अनुसार, वासुदेव राम खोखे में बारूद भरने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक चिंगारी निकल गई, जिससे उनका हाथ झुलस गया। हादसे के बाद उन्हें तत्काल फैक्ट्री अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद फैक्ट्री में कुछ समय के लिए कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति रही। घटना के कारणों को लेकर संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।

1943 में हुई थी ऑर्डनेंस फैक्ट्री की स्थापना

ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत आने वाली प्रमुख इकाइयों में शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी स्थापना 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मित्र देशों की सेनाओं के लिए गोला-बारूद की जरूरत पूरी करने के उद्देश्य से की गई थी। आजादी के बाद फैक्ट्री के उत्पादन में विस्तार किया गया और अलग-अलग सेवाओं तथा अर्धसैनिक बलों की जरूरत के अनुसार उत्पादन शुरू हुआ।

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259 हेक्टेयर में फैला है कारखाना

ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया का कारखाना करीब 259 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इसके साथ करीब 303 हेक्टेयर का विस्फोटक डिपो और लगभग 1430 हेक्टेयर का एस्टेट भी बताया गया है। 1962 के चीन युद्ध और 1965 तथा 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों के दौरान सेना, वायुसेना और नौसेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए कारखाने की उत्पादन क्षमता और विस्तार किया गया था।

गोला-बारूद और रक्षा उपकरणों का उत्पादन

फैक्ट्री की मौजूदा उत्पादन गतिविधियों में हाई-एनर्जी कंपोनेंट, विस्फोटक भराई और गोला-बारूद संयोजन जैसे कार्य शामिल हैं। ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया ने शेल, फ्यूज, प्राइमर और कारतूस से जुड़े रक्षा उत्पादन में भी विशेषज्ञता हासिल की है।

ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में उत्पादन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है। अब कर्मचारी के हाथ झुलसने की घटना के बाद हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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