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क्रूज में सुरक्षा नहीं, मौत का था इंतजाम...!5 मिनट की लापरवाही पड़ गई कई जिंदगियों पर भारी

जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज हवाओं के बीच डूबे क्रूज में लाइफ जैकेट और सुरक्षा इंतजामों की कमी सामने आई। हादसे में 9 लोगों की मौत, कई लापता हैं। सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और सभी क्रूज संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
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5 मिनट की लापरवाही पड़ गई कई जिंदगियों पर भारी

जबलपुर। बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई सवाल छोड़ गया है। नर्मदा की तेज लहरें, अचानक बदला मौसम और सुरक्षा में चूक इन सबने मिलकर कई जिंदगियां छीन लीं। गुरुवार (30 अप्रैल) शाम पर्यटकों से भरा क्रूज नर्मदा के बैकवाटर में सैर कर रहा था। तभी अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाएं चलने लगीं, लहरें ऊंची हो गईं और देखते ही देखते क्रूज डगमगाने लगा। कुछ ही मिनटों में खुशियों का सफर चीख-पुकार में बदल गया।

सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था - चश्मदीद का दावा

दिल्ली के प्रदीप कुमार इस हादसे में बच गए, लेकिन उनकी पत्नी और 4 साल का बेटा लापता हैं। उनकी आंखों में दर्द साफ दिखता है। प्रदीप का आरोप है कि क्रूज में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं था। न तो यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाई गई, न ही कोई सुरक्षा निर्देश दिए गए। हालात बिगड़ने पर क्रू मेंबर भी मदद करने के बजाय पीछे हट गए।

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जब यात्रियों ने खुद बचाई अपनी जान

आमतौर पर बोट या क्रूज में बैठने से पहले लाइफ जैकेट पहनना जरूरी होता है। लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। प्रदीप के मुताबिक, जब पानी अंदर आने लगा तो लोगों ने खुद लाइफ जैकेट ढूंढी और एक-दूसरे को पहनाई। सोचिए, उस वक्त क्या हाल होगा जब पहली बार ही किसी को समझ आए कि लाइफ जैकेट कहां है और कैसे पहननी है।

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चेतावनी के बावजूद नहीं रोका गया क्रूज

हादसे से पहले ही खतरे के संकेत मिल रहे थे। तेज हवाएं और ऊंची लहरें साफ बता रही थीं कि हालात खराब हैं। किनारे पर मौजूद लोगों ने भी चालक को वापस लौटने को कहा, लेकिन आरोप है कि उसने बात नहीं मानी और क्रूज को आगे बढ़ाता रहा। यही फैसला भारी पड़ गया।

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हादसे के पहले 5 मिनट बेहद अहम

विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में हादसे के पहले 5 मिनट बेहद अहम होते हैं। लाइफ जैकेट शरीर को पानी के ऊपर बनाए रखती है और घबराहट में भी व्यक्ति को डूबने से बचाती है। इस क्रूज में कई बच्चे और बुजुर्ग सवार थे। अगर सभी ने लाइफ जैकेट पहनी होती, तो शायद कई जिंदगियां बच सकती थीं।

उठ रहे हैं ये बड़े सवाल

  • क्या सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई थी?
  • क्या उन्हें पहनना अनिवार्य किया गया था?
  • क्या खराब मौसम में क्रूज चलाना सही था?
  • चेतावनी के बावजूद क्रूज को किनारे क्यों नहीं लाया गया?

ये सवाल सिर्फ जांच के नहीं, बल्कि उन परिवारों की पीड़ा हैं, जिन्होंने अपने अपनों को खोया है।

लापता लोगों की तलाश जारी

हादसे के बाद पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों ने राहत-बचाव शुरू किया। अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 23 लोगों को बचाया गया है। कई लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।

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अगले आदेश तक प्रदेश के सभी क्रूज रहेंगे बंद

हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने आदेश दिया है कि अगले आदेश तक प्रदेश के सभी क्रूज बंद रहेंगे। साथ ही सभी क्रूज की सुरक्षा जांच और स्टाफ को आपातकालीन ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं।

सबक जो भूलना नहीं चाहिए...

हर जल यात्रा रोमांचक होती है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है। बरगी डैम हादसे ने यह साफ कर दिया कि लाइफ जैकेट कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा सहारा है। यह हादसा एक चेतावनी है- अगर नियमों का पालन नहीं होगा, तो ऐसी त्रासदियां दोहराई जा सकती हैं। अब जिम्मेदारी व्यवस्था की है कि अगली बार कोई भी यात्री अपनी जान को लेकर असुरक्षित महसूस न करे।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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