ITBP स्थापना दिवस 2026: हिमवीरों के साहस को PM मोदी ने किया सलाम, CM योगी ने भी दी बधाई

देश की सीमाओं पर जब कड़ाके की ठंड पड़ती है और तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है, तब भी हमारे जवान पूरी हिम्मत के साथ डटे रहते हैं। बर्फीले पहाड़ों और मुश्किल रास्तों के बीच देश की सुरक्षा करने वाले इन बहादुर जवानों को 'हिमवीर' कहा जाता है। शनिवार, 24 अक्टूबर को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवानों के साहस और देश के प्रति उनके समर्पण को सलाम किया।
पीएम मोदी ने हिमवीरों के साहस को किया सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट शेयर कर ITBP के सभी जवानों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि ITBP के हिमवीरों ने अपने असाधारण साहस और बहादुरी से हमेशा देश का नाम रोशन किया है। पीएम मोदी ने कहा कि इन जवानों ने हर मुश्किल परिस्थिति का सामना पूरे हौसले और मजबूत इरादों के साथ किया है। देश की सुरक्षा के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।
राजनाथ सिंह ने जवानों और परिवारों को दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ITBP के स्थापना दिवस पर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ITBP के हिमवीर बेहद कठिन मौसम और खतरनाक परिस्थितियों में भारत की सीमाओं की रक्षा करते हैं। राजनाथ सिंह ने जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि ITBP ने सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा में ही नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि वामपंथी उग्रवाद से निपटने के अभियानों में भी ITBP के जवानों ने अहम भूमिका निभाई है। उनका साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण देश सेवा की बेहतरीन मिसाल है।
सीएम योगी बोले- हिमवीरों पर पूरे देश को गर्व
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ITBP के जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। सीएम योगी ने एक्स पर लिखा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के बहादुर जवान हिमालय की बेहद कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि शून्य से नीचे तापमान और बर्फीले इलाकों में ड्यूटी करना आसान नहीं होता। इसके बावजूद जवान पूरी बहादुरी और जिम्मेदारी के साथ देश की सीमाओं को सुरक्षित रखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जवानों की वीरता, पराक्रम और समर्पण हर भारतीय को गर्व से भर देता है। उन्होंने अपने संदेश के आखिर में 'जय हिंद' भी लिखा।
ये भी पढ़ें: CTI ने राहुल गांधी को लिखा पत्र: 1 नवंबर की महारैली टालने की मांग, दिवाली सीजन में 10 हजार करोड़ के व्यापार पर खतरा!
कब हुई थी ITBP की स्थापना?
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को हुई थी। यह देश के प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में शामिल है। ITBP के जवान मुख्य रूप से भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। ऊंचे पहाड़ों, बर्फीले रास्तों और बेहद कम तापमान में ड्यूटी करने के कारण ITBP के जवानों को 'हिमवीर' कहा जाता है। सीमा सुरक्षा के अलावा ITBP के जवान आपदा राहत, बचाव कार्यों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अभियानों में भी अपनी सेवाएं देते हैं।
देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं हिमवीर
ITBP का स्थापना दिवस उन बहादुर जवानों के सम्मान का दिन है, जो अपने परिवारों से दूर रहकर देश की रक्षा करते हैं। कठिन मौसम और चुनौतियों के बावजूद उनका हौसला कभी कम नहीं होता। यही वजह है कि स्थापना दिवस के मौके पर देश के बड़े नेताओं ने ITBP के जवानों की बहादुरी को सलाम करते हुए उनके योगदान की सराहना की।




















