
दुबई। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने सभी खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट को अनिवार्य बनाने के भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के फैसले का समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का भी आग्रह किया है, ताकि खिलाड़ियों को थकान नहीं हो। पिछले साल अपने कॅरियर को अलविदा कहने वाला यह खिलाड़ी मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी के चार ‘टूर्नामेंट दूत’ में से एक के रूप में यहां मौजूद है। भारत ने रविवार को पाकिस्तान को छह विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। धवन मैच देखने के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में भी गए।
मैच के दौरान मीडिया से बात करते हुए उनसे पूछा गया कि क्या बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी खेलों में भाग लेना अनिवार्य करके सही काम किया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा फैसला है। मेरी एक ही बात है कि खिलाड़ियों पर अत्यधिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए, लेकिन लोग इस पर नजर रखेंगे। धवन ने कहा कि यह अच्छी बात है कि मौजूदा खिलाड़ियों को घरेलू मैच भी खेलना चाहिए जैसे विराट (कुछ सप्ताह पहले दिल्ली के लिए) खेले थे और स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। साथ ही उन्हें काफी आराम भी मिलना चाहिए।