बोर्ड एग्जाम का नाम सुनते ही छात्रों के मन में तनाव बढ़ जाता है। खासकर जब बात मैथ्स के पेपर की हो, तो टेंशन और भी ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन इस बार CBSE के मैथ्स प्रश्नपत्र से जुड़ा एक ऐसा टेक्निकल ब्लंडर सामने आया है, जिसने छात्रों से लेकर अभिभावकों और शिक्षकों तक सभी को चौंका दिया है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर CBSE के एक प्रश्नपत्र की तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में पेपर पर छपा एक सिक्योरिटी QR कोड दिख रहा है। आमतौर पर ऐसे QR कोड का इस्तेमाल पेपर की सुरक्षा और ऑथेंटिसिटी चेक करने के लिए किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पेपर असली है और उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग निकला।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के मुताबिक, जब छात्रों या यूजर्स ने उस QR कोड को अपने मोबाइल से स्कैन किया, तो किसी आधिकारिक जानकारी या सिक्योरिटी डिटेल्स की जगह सीधे यूट्यूब का एक वीडियो खुल गया। इतना ही नहीं, जैसे ही लिंक खुला, उसमें एक गाना चलने लगा।
इस घटना के स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर शेयर किए गए हैं। एक यूजर ने QR कोड का क्लोजअप फोटो पोस्ट किया, ताकि लोग खुद इसे स्कैन करके देख सकें। इसके बाद यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई।
जैसे ही यह मामला वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मैथ्स के टेंशन भरे माहौल में यह म्यूजिक ब्रेक जैसा है।
कुछ लोगों ने लिखा कि परीक्षा के दौरान अगर ऐसा हो जाए तो छात्रों का तनाव थोड़ा कम हो सकता है। वहीं कई यूजर्स ने इसे सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चूक बताया और सवाल उठाए कि आखिर सिक्योरिटी QR कोड में ऐसा लिंक कैसे आ सकता है।
मामला बढ़ता देख केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10 मार्च 2026 को अपने आधिकारिक X हैंडल से इस पर प्रतिक्रिया दी। CBSE ने अपने बयान में कहा कि इस तकनीकी गड़बड़ी को गंभीरता से लिया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह एक अनजाने में हुई गलती है और इसके पीछे किसी तरह की जानबूझकर की गई कार्रवाई नहीं है।
बोर्ड ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए तकनीकी स्तर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
हालांकि CBSE की सफाई के बाद भी यह मामला चर्चा में बना हुआ है। लोगों का मानना है कि बोर्ड परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाले सिक्योरिटी सिस्टम को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की तकनीकी गड़बड़ियों से बचा जा सके। क्योंकि बोर्ड परीक्षाएं देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती हैं और इसमें किसी भी तरह की छोटी गलती भी बड़ा मुद्दा बन सकती है।
फिलहाल CBSE ने भरोसा दिलाया है कि इस गलती की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी सुधार किए जाएंगे।