गाजा में शांति समझौता : ट्रंप की मध्यस्थता से इजराइल-हमास युद्धविराम पर राजी, ट्रंप- 72 घंटे में रिहा होंगे बंधक

वॉशिंगटन डीसी। दो साल से गाजा में जारी भीषण युद्ध के बीच अब शांति की उम्मीद जग उठी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से इजराइल और हमास के बीच शांति समझौते के पहले चरण पर सहमति बन गई है। यह समझौता गाजा में युद्ध रोकने और बंधकों व कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करने की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
ट्रंप की घोषणा- जल्द रिहा होंगे सभी बंधक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की है कि, इजराइल और हमास के बीच शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर हो गए हैं। उन्होंने लिखा- "जल्द ही सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा और इजराइल अपनी सेना को एक तय लाइन तक पीछे हटाएगा। यह मजबूत और स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम है।"
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि, सोमवार तक सभी इजराइली बंधकों की रिहाई की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि समझौते के लागू होने के 72 घंटे के भीतर कैदियों और बंधकों का आदान-प्रदान शुरू हो जाएगा।
मिस्र में हुई बातचीत से बनी सहमति
यह समझौता 8 अक्टूबर को मिस्र में हुई इनडायरेक्ट वार्ता के बाद संभव हो पाया। इसमें अमेरिका, इजराइल, मिस्र और कतर के प्रतिनिधि शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले सभी जीवित इजराइली बंधकों को रिहा किया जाएगा। कतरी मध्यस्थों ने भी इस समझौते की पुष्टि की है और कहा है कि आगे की रूपरेखा मिस्र में जारी वार्ता के बाद तय की जाएगी।
ट्रंप ने शेयर किया गाजा वापसी का नक्शा
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक मैप शेयर किया, जिसमें दिखाया गया है कि इजराइली सेना पहले चरण में किस हद तक पीछे हटेगी।
- दक्षिण गाजा के राफाह और फिलाडेल्फिया कॉरिडोर क्षेत्र इजराइली सुरक्षा नियंत्रण में रहेंगे।
- उत्तरी गाजा के बेइत हनून के आसपास का इलाका भी सुरक्षा जोन घोषित किया गया है।
- गाजा सिटी और उसके शरणार्थी शिविरों में फिलहाल पूरी वापसी नहीं होगी।
समझौते के मुख्य बिंदु
- युद्धविराम तुरंत लागू होगा।
- इजराइल धीरे-धीरे गाजा से पीछे हटेगा।
- 72 घंटे में सभी इजराइली बंधकों की रिहाई होगी।
- इजराइल 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा।
- शवों का आदान-प्रदान – हर मृत इजराइली बंधक के बदले 15 फिलिस्तीनी शव।
- गाजा को आतंक मुक्त बनाया जाएगा।
- हमास गाजा शासन में शामिल नहीं होगा।
- गाजा के लिए अंतरिम प्रशासन समिति बनेगी।
- अमेरिकी नेतृत्व में शांति बोर्ड गठित होगा।
- गाजा के पुनर्निर्माण और विकास की योजना तैयार की जाएगी।
- मानव सहायता और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू होगी।
- गाजा में विशेष व्यापारिक क्षेत्र बनाए जाएंगे।
- लोगों को स्वतंत्र आवाजाही की अनुमति होगी।
- अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल गाजा में शांति बनाए रखेंगे।
- गाजा पुलिस को ट्रेनिंग दी जाएगी।
- सीमा सुरक्षा को और मज़बूत किया जाएगा।
- हवाई हमले और गोलाबारी पूरी तरह बंद होगी।
- अंतरराष्ट्रीय संगठन मानवाधिकारों की निगरानी करेंगे।
- इजराइल और फिलिस्तीन के बीच सीधी शांति वार्ता शुरू होगी।
- गाजा में स्थायी शांति और विकास का खाका तैयार किया जाएगा।
हमास और इजराइल दोनों ने दी सहमति
हमास ने इस समझौते को ‘पहला वास्तविक शांति कदम’ बताया है और ट्रंप से आग्रह किया है कि वे सुनिश्चित करें कि इजराइल पूरी तरह से इसका पालन करे।
वहीं, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- “यह इजराइल के लिए एक बड़ा दिन है। यह हमारे बंधकों को घर लाने और शांति बहाल करने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। मैं राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम का धन्यवाद करता हूं।”
मध्यस्थ देशों की भूमिका
इस समझौते में अमेरिका के अलावा कतर, मिस्र और तुर्की ने अहम भूमिका निभाई है। सभी देशों ने गारंटी दी है कि जब तक दोनों पक्ष समझौते का पालन करेंगे, तब तक युद्धविराम प्रभावी रहेगा। ट्रंप ने सभी देशों को धन्यवाद देते हुए कहा- “यह अरब दुनिया, इजराइल और पूरी मानवता के लिए एक नया सवेरा है।”
गाजा युद्ध के दो साल का दर्द
- 66,000 मौतें अब तक दर्ज
- 1.7 लाख लोग घायल
- 83% नागरिकों की मौत गैर-लड़ाकू हमलों में
- 20,000 बच्चे मारे गए
- 22 लाख लोग अकाल का सामना कर रहे
- 1.95 लाख इमारतें तबाह, 19 लाख लोग बेघर
ट्रंप का मिस्र दौरा तय
ट्रंप इस सप्ताह के अंत में मिस्र की यात्रा पर जा सकते हैं, जहां वे शांति समझौते के अगले चरणों पर चर्चा करेंगे। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि यह दौरा वाल्टर रीड मेडिकल सेंटर में ट्रंप के मेडिकल चेकअप के बाद संभव है।











