नई दिल्ली/तेल अवीव। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता तेज हो गई है। मंगलवार को एस. जयशंकर और इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई। इस दौरान ईरान, लेबनान और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहा। गिदोन सार ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि अमेरिका की ओर से स्पष्ट और सख्त रुख अपनाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में है। खास तौर पर यूरेनियम संवर्धन पर रोक और संवर्धित सामग्री को हटाने जैसे मुद्दों को बातचीत में शामिल करना जरूरी बताया गया।
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दोनों नेताओं के बीच होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई। सार ने कहा कि ईरान की ओर से नौवहन की स्वतंत्रता में रुकावटें पैदा हो रही हैं, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति से भारत और खाड़ी देशों समेत कई देशों के व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि समुद्री रास्ते सुरक्षित रह सकें।
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बातचीत में लेबनान के हालातों का भी जिक्र हुआ। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के कारण वहां की स्थिति भी अस्थिर बनी हुई है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
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