ब्रिटेन ने साफ संकेत दिए हैं कि वह वैश्विक ऊर्जा अस्थिरता को अब बर्दाश्त नहीं करेगा। पीएम स्टार्मर ने इसे देश के लिए टर्निंग पॉइंट बताते हुए नई आर्थिक और सुरक्षा रणनीति बनाने की बात कही है।
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने खुलकर डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमिर पुतिन की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय फैसलों का बोझ आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव ने ब्रिटेन के घरों और कारोबार को प्रभावित किया है। उन्होंने इसे अस्थिर और गैर-जिम्मेदाराना स्थिति बताया। स्टार्मर के अनुसार, ऐसी नीतियां ग्लोबल मार्केट को असंतुलित करती हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति अब असहनीय होती जा रही है। ब्रिटेन अब इस पर स्पष्ट रुख अपनाने की तैयारी में है।
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ईरान जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल-पुथल है। इसका सीधा असर बिजली और गैस के बिलों पर दिख रहा है। ब्रिटेन में आम परिवारों का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। कारोबारियों के लिए भी लागत संभालना मुश्किल हो रहा है। ऊर्जा संकट ने महंगाई को और तेज कर दिया है। स्टार्मर ने इसे आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती बताया। सरकार अब राहत के उपायों पर भी विचार कर रही है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव स्थिति को और ज्यादा गंभीर बना रहा है। इसमें ट्रंप की नीतियों की भी चर्चा हो रही है। वहीं पुतिन की रणनीति पहले से ही बाजार को प्रभावित कर रही है। रुस-यूक्रेन वॉर के बाद हालात और बिगड़े हैं। अब ईरान जंग ने संकट को और गहरा कर दिया है। ऊर्जा सप्लाई और कीमतों में लगातार अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं दुनिया के कई देश इससे प्रभावित हो रहे हैं।
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स्टार्मर ने मौजूदा हालात को ब्रिटेन के लिए बड़ा मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि देश पिछले कई संकटों से गुजर चुका है। 2008 की आर्थिक मंदी शामिल है। साथ ही ब्रेक्सिट और कोविड महामारी का असर भी रहा है। अब ईरान जंग को एक नई शुरुआत की तरह देखा जा रहा है। सरकार नई रणनीतियों पर काम करने की तैयारी में है। इससे देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की कोशिश होगी।