पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। प्रदेश के लगभग सभी 55 जिलों के कलेक्टर सोशल मीडिया में सक्रिय रहते हुए अपने हर दिन के कामकाज का ब्यौरा दे रहे हैं। कई कलेक्टर जिले के दौरे में होने और जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनने संबंधी फोटो और वीडियो अपलोड कर रहे हैं। इसके उलट जनता कोई काम नहीं होने की शिकायतें करते हुए कलेक्टरों को आईना दिखा रही है। पीपुल्स समाचार ने फेसबुक पेज पर सक्रिय कुछ जिलों के बारे में जानकारी जुटाई तो देखने में आया कि रसोई गैस का नहीं मिलना, पेट्रोल-डीजल की समस्या, गेहूं उपार्जन का अबतक बकाया नहीं दिया जाना, अतिक्रमण के बढ़ते मामले, राजस्व संबंधी प्रकरण, सीएम हेल्प लाइन व जनसुनवाई में निराकरण नहीं होने की शिकायतें की जा रहीं हैं।

कलेक्टर सुधीर कोचर कहते हैं-जिले में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। रिजर्व स्टॉक बढ़ाकर 6 हजार से अधिक कर दिया गया है। होम डिलेवरी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
मो. जाकिर खान : श्री इंडेन गैस एजेंसी में 13 मार्च से चक्कर काट रहा हूं। 22-23 को घर पहुंचने कहा, लेकिन 1 अप्रैल तक नहीं पहुंचा। अब 5 अप्रैल को कह रहे हैं।
प्रकाश यादव : अब लगता है शायद शिकायत करना, विरोध करना सबसे बड़ा अपराध हो गया है। तानाशाही देश के भविष्य को गर्त में धकेल रहा है।
निहाल मिश्रा : मेरे विकलांग भाई माता-पिता तीनों की पेंशन दो महीने से नहीं आई। आवास योजना की तीसरी किस्त आज तक नहीं मिली। कलेक्टर के पास जाओ तो नगर पालिका भेज देते हैं, नगर पालिका जाओ तो कलेक्ट्रेट भेज देते हैं। एक विकलांग इंसान कहां जाए।
जनसुनवाई संबंधी पोस्ट पर 12 कमेंट्स आए, जिसमें सात की समस्या यथावत।

सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा सक्रिय दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखड़े हैं। इनके लिए कई लोगों ने अपने जिले का कलेक्टर बनाने की डिमांड की है। 80 प्रतिशत यूजर्स इनके कामकाज से प्रसन्न हैं। बावजूद कई लोग शिकायतें दूर नहीं होने का उलाहना देते हैं।
टीएस कुशवाहा : ऐसे ही अधिकारी देश के हर जिले को मिले तो वह दिन दूर नहीं जब रामराज देखा जा सकता है, जब से कलेक्टर जिले में आए हैं तब से हर परेशान व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कराहट है।
सुरेश कुमार पटेल : ऐसा कलेक्टर छत्तीसगढ़ जिला जांजगीर चांपा में चाहिए।
राममिलन राजपूत : ग्राम पंचायत लखनपुर में खेल मैदान की जरूरत है। गांव में शराब की बिक्री खुले में हो रही है।
दो दिन पहले जनसुनवाई संबंधी की गई पोस्ट पर 407 लाइक और 12 कमेंट मिले। इनमें 11 ने सराहा।

कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बताया : जनसुनवाई में 113 आवेदनों में 73 में निराकरण किया गया।
यूजर्स ने लिखा : डीएस सेंगर- सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 36833661 का आज तक निराकरण नहीं हुआ है। विद्युत विभाग द्वारा जानबूझकर अवैध कार्य के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जा रही है।
अनिल पाटीदार : हमारी अक्टूबर महीने से शिकायत है, सीएम हेल्पलाइन पर मार्कशीट के विषय में कक्षा 10 की, पर अभी तक कुछ निराकरण नहीं हुआ।
नवराज सिंह भावसार : 6 माह हो गए, फसल बीमा की शिकायत की थी, आजतक कुछ नहीं हुआ।
कलेक्टर की पोस्ट पर 323 ने लाइक और 20 ने कमेंट्स किया। 8 यूजर्स असंतुष्ट हैं।

खास बात : कलेक्टर विकास मिश्रा ने फेसबुक में मझौली के ग्राम पंचायत करमाई रात्रिकालीन चौपाल लगाने की जानकारी पोस्ट की है। इसमें एक हजार से ज्यादा लाइक किया गया है और 105 कमेंट्स हैं।
डॉ. अमृतलाल पटेल : पूर्व कलेक्टर पंकज अग्रवाल के समय से जानने लगा हूं। आज लगा कि जिले के कलेक्टर ने मन से काम संभाला है। अब जनता को न्याय की उम्मीद है।
राम नरेश शुक्ला : जिले के एसडीएम क्या पॉवरलेस हैं, इन्हें भी अपने स्तर पर चौपाल लगानी चाहिए। कलेक्टर से सीख लेनी चाहिए।
सोनी बाबू : रसोई गैस के नाम पर आज भी लूट हो रही है, माफिया से निपटना इतना आसान नहीं है।
हिमांशु गर्ग : ग्राम महुरिया की सड़क कई सालों से नहीं बन पाई है, कृपया उसकी ओर ध्यान दें।
जय गौ माता : जनपद पंचायत कुसमी के ग्राम पंचायत डेवा में भी चौपाल लगाएं।