ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद भारत के कई शहरों में शिया समुदाय के लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह उनकी मौत की पुष्टि की। बताया जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका के हमले में उनकी जान गई। इस खबर के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में भी शोक का माहौल है। दूतावास ने अपना राष्ट्रीय झंडा आधा झुका दिया है। यह कदम शोक और सम्मान के प्रतीक के रूप में उठाया गया है।
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। खासकर लाल चौक पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में अली खामेनेई की तस्वीरें, पोस्टर और ईरानी झंडे लिए नजर आए।
लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रहबर तेरे खून से इंकलाब आएगा और अमेरिका का जो यार है, गद्दार है जैसे नारे लगातार लगाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह हमला सिर्फ एक नेता पर नहीं, बल्कि पूरी विचारधारा पर हमला है।
अधिकारियों के मुताबिक शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। हालांकि मार्च शांतिपूर्ण बताया जा रहा है, लेकिन माहौल भावनात्मक और तनावपूर्ण है। कई जगहों पर लोग इमामबाड़ों के बाहर भी जमा हुए और शोक सभाएं आयोजित कीं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे। यहां शोक सभा और विरोध प्रदर्शन दोनों आयोजित किए गए। शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि वे शहादत से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इसका जवाब ऐसा दिया जाएगा जिसे दुनिया याद रखेगी।
लखनऊ में लोगों ने काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया। कई जगहों पर खामेनेई की तस्वीरों के साथ मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी गई।
बताया जा रहा है कि शनिवार को इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। जवाब में ईरान ने भी अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। खबरों के मुताबिक ईरान ने कई देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की।
इसी दौरान यह जानकारी सामने आई कि हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्य मारे गए। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग भारी संख्या में घरों से निकलकर सड़कों पर आ रहे हैं। प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी है और शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल देश के कई हिस्सों में शोक और गुस्से का माहौल है। लोग इसे एक बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।