ईरान का अमेरिका पर बड़ा अटैक,अमेरिकी बेस डिएगो गार्सिया पर दागी लंबी दूरी की मिसाइलें

इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध 21वें दिन में भी जारी है। ईरान ने अमेरिकी बेस डिएगो गार्सिया पर लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई। इस बीच ब्रिटेन ने यू टर्न लेते हुए अपने सैन्य बेस अमेरिका को देने का फैसला किया है। तेल और गैस आपूर्ति बाधित, वैश्विक ऊर्जा संकट बढ़ा।
अमेरिकी बेस डिएगो गार्सिया पर दागी लंबी दूरी की मिसाइलें
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। मिसाइल हमलों और सीमापार स्ट्राइक के कारण क्षेत्रीय स्थिति जटिल होती जा रही है। हाल ही में ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिकी अड्डा डिएगो गार्सिया निशाना बनाते हुए लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं।

    अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी

    मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना ने अपनी ताकत बढ़ाते हुए तीन नए युद्धपोत और करीब 2,500 मरीन तैनात किए हैं। इससे क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या लगभग 50,000 तक पहुंच गई है।

    राजनीतिक बयानबाजी और युद्ध की समयसीमा

    इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही कहा था कि यह ऑपरेशन “जब तक आवश्यक होगा” जारी रहेगा। इसके बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट कर दिया कि जब युद्ध जीत रहे हैं, तो इसे रोकने का सवाल ही नहीं उठता।

    ब्रिटेन ने बदल दी नीति

    ब्रिटेन ने हाल ही में अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अमेरिका को अपने सैन्य बेस के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। यह कदम क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर असर डाल सकता है।

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    ईरान के जवाबी हमले और वैश्विक ऊर्जा संकट

    इजरायली हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी देशों के तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इसके कारण प्रमुख ऊर्जा आपूर्ति मार्ग बाधित हुए और वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई। गैस की आपूर्ति भी प्रभावित होने से संभावित संकट उत्पन्न हुआ है।

    21 दिन से चल रहे इस संघर्ष का कोई अंत फिलहाल नहीं दिख रहा है। क्षेत्रीय तनाव और जवाबी हमलों के चलते मध्य पूर्व में हालात और गंभीर बने हुए हैं।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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