भारत में 40 हजार से घटकर 4 हजार रह गए बाघ :पूर्व वन अधिकारी बोले- बाघों का संरक्षण जरूरी

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर सेवानिवृत्त वन संरक्षक डॉ. सुदेश बाघमारे ने बाघ संरक्षण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक समय भारत में करीब 40 हजार बाघ थे, लेकिन आज उनकी संख्या घटकर करीब 4 हजार रह गई है। अगर समय रहते संरक्षण के प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, तो भारत से बाघ भी चीते की तरह पूरी तरह विलुप्त हो सकते थे।
वन्यजीव संरक्षण कानून ने बचाए जंगल और बाघ
डॉ. बाघमारे ने कहा कि वर्ष 1972 में लागू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम ने देश के जंगलों और वन्यजीवों को बचाने में अहम भूमिका निभाई। इस कानून के कारण राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य सुरक्षित रहे। यदि यह कानून नहीं होता, तो कई जंगल अतिक्रमण और खनन की भेंट चढ़ सकते थे। उन्होंने बताया कि इस कानून में ऐसे प्रावधान हैं, जिनके कारण किसी संरक्षित क्षेत्र का दर्जा खत्म करना या उसमें बदलाव करना आसान नहीं है।
जागरूकता बढ़ाने में टीवी चैनलों की भी बड़ी भूमिका
डॉ. बाघमारे ने कहा कि लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में डिस्कवरी और एनिमल प्लैनेट जैसे चैनलों का भी बड़ा योगदान रहा है। इन माध्यमों ने वन्यजीवों को आम लोगों तक पहुंचाया और प्रकृति संरक्षण के प्रति रुचि बढ़ाई। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के पिन वैली अभयारण्य का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्नो लेपर्ड देखने के लिए पर्यटक लाखों रुपये तक खर्च करने को तैयार रहते हैं।
बाघ पर्यटन की व्यवस्था पर उठाए सवाल
डॉ. बाघमारे ने वर्तमान बाघ पर्यटन व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले सीमित संख्या में हाथियों की मदद से बाघ दर्शन कराए जाते थे, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने अमानवीय मानते हुए बंद कर दिया।
उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में जिप्सियों के जरिए बाघों को चारों ओर से घेरकर दिखाना भी वन्यजीवों के लिए तनावपूर्ण और अमानवीय है। इस मामले में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की जरूरत बताई।
बाघ संरक्षण यानी प्रकृति का संरक्षण
डॉ. बाघमारे ने कहा कि यदि समाज बाघ को केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का प्रतीक माने, तो जंगल, पानी, मिट्टी, हवा और जैव विविधता का संरक्षण भी स्वतः संभव हो जाएगा।
उन्होंने अपने संदेश का समापन इन पंक्तियों के साथ किया
'बाघ बचे, चीता बचे, बचे हमारी झील,
धरती पर फैले रहें जंगल मीलों मील।'












