Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

International Dance Day 2026:भारतीय नृत्य की कहानी, Dance का जादू, परंपरा; पहचान और आज का ट्रेंड

प्राचीन समय में नृत्य मंदिरों में पूजा, धार्मिक कथाओं को पेश करने और समाज में सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने के लिए किया जाता था, अब ये लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है, और ट्रेंड में रहने लगा हैं। तो चलिए जानते हैं इसका इतिहास।
भारतीय नृत्य की कहानी, Dance का जादू, परंपरा; पहचान और आज का ट्रेंड

International Dance Day 2026 हर साल 29 अप्रैल के दिन International Dance Day मनाया जाता है, इस दिन को मनाने की पहल इंटरनेशनल डांस काउंसिल और इंटरनेशनल थिएटर इंस्टिट्यूट के द्वारा की गई थी। हालांकि, भारतीय शास्त्रीय नृत्य की नींव का श्रेय भरत मुनि को दिया जाता है, जिन्होंने नाट्यशास्त्र की रचना की।

भारत की प्रमुख 8 शास्त्रीय नृत्य शैलियां

भारत में डांस को आधिकारिक और सांस्कृतिक मान्यता, आजादी के बाद ज्यादा मजबूती से मिली है। 1953 में स्थापित संगीत नाटक अकादमी ने शास्त्रीय और लोक नृत्य को संरक्षित और प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई। आज भारत में प्रमुख 8 शास्त्रीय नृत्य शैलियां हैं... 

  • भरतनाट्यम नृत्य, तमिलनाडु
  •  कथक नृत्य, उत्तर प्रदेश
  • कथकली नृत्य, केरल
  • कुचिपुड़ी नृत्य, आंध्र प्रदेश
  • ओडिसी नृत्य, ओडिशा
  • मणिपुरी नृत्य, मणिपुर
  • मोहिनीअट्टम नृत्य, केरल
  • सत्त्रिया नृत्य, असम

इसके अलावा भांगड़ा, गरबा, घूमर जैसे लोक नृत्य भी बहुत लोकप्रिय हैं। इन सभी नृत्य शैलियों की भारत में अपनी अलग पहचान, वेशभूषा और संगीत शैली है।

ये भी पढ़ें: IPL में कोहली का ऐतिहासिक कारनामा : 9000 रन पूरे, दिल्ली 75 रन पर ढही, RCB की बड़ी जीत

UNESCO में भी शामिल भारत का पारंपरिक नृत्य

भारत के कई नृत्य रूपों को UNESCO की Intangible Cultural Heritage सूची में भी शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए, कालबेलिया नृत्य और छऊ नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। यह दिखाता है कि भारतीय नृत्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे पूरी दुनिया सराहती है।

ये भी पढ़ें: उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सुरक्षा में बड़ी चूक, बिना अनुमति पर्यटक पहुंचे कोर जोन; वनरक्षक की लापरवाही आई सामने 

प्रसिद्ध नृत्य कलाकारों में गिने जाने वाले नाम

  • पंडित बिरजू महाराज- पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, कालिदास सम्मान, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी), (फिल्म: विश्वरूपम), फिल्मफेयर अवार्ड (सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी), (फिल्म: बाजीराव मस्तानी)। 
  • रुक्मिणी देवी अरुंडेल- पद्म भूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप, देशिकोत्तम
  • मृणालिनी साराभाई- पद्म श्री, पद्म भूषण, मेक्सिकन सरकार का स्वर्ण पदक, संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप
  • केलुचरण महापात्र- पद्म श्री, पद्म भूषण, संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप
  • यामिनी कृष्णमूर्ति- पद्म विभूषण, पद्म श्री, पद्म भूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, नाट्य शास्त्र अवार्ड
  • मल्लिका साराभाई- पद्म भूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
  • हेमा मालिनी- पद्म श्री, फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार, स्पेशल अवॉर्ड - 50 इयर्स ऑफ आउटस्टैंडिंग कॉन्ट्रिब्यूशन टू सिनेमा
  • प्रभु देवा- पद्म श्री, दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर अवार्ड्स
  • रेमो डिसूजा- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर पुरस्कार, IIFA अवार्ड्स, अन्य पुरस्कार: उन्होंने 'बदतमीज़ दिल' और 'एबीसीडी 2' के लिए ज़ी सिने अवार्ड्स और स्टारडस्ट अवार्ड्स भी जीते हैं
  • शक्ति मोहन- लाइव क्वोटिएंट अवार्ड, डांस इंडिया डांस 2 विजेता
    इनमें से कई कलाकारों को पद्म पुरस्कार (पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण) और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार जैसे सम्मान मिले हैं। इनमें से एक बिरजू महाराज को पद्म विभूषण और कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए।

आज के समय का फेमस डांस 

आज के समय में नृत्य पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ चुका है। बॉलीवुड, Hip-Hop Dance, Contemporary Dance और Fusion Dance का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है।

इन डांस फॉर्म्स की खासियत यह है कि इनमें फ्री स्टाइल, एनर्जी और इमोशन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है। 
ग्रेस की बात करें तो कंटेम्पररी डांस में मूवमेंट्स बहुत स्मूद, फ्लोइंग और एक्सप्रेसिव होते हैं, जिससे परफॉर्मेंस देखने में बेहद सुंदर और दिल को छू लेने वाली लगती है। 

वहीं हिप-हॉप में ग्रेस थोड़ी अलग तरह की होती है, यहां बॉडी कंट्रोल, रिदम और स्टाइल का ग्रेस होता है, जो इसे पावरफुल और आकर्षक बनाता है। आज के दौर में ये डांस फॉर्म्स सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं बल्कि पर्सनैलिटी एक्सप्रेशन और क्रिएटिविटी दिखाने का मजबूत जरिया बन चुके हैं। खासकर सोशल मीडिया और रियलिटी शोज के कारण। Dance India Dance और India's Best Dancer जैसे प्लेटफॉर्म ने नए टैलेंट को पहचान दी है। अब नृत्य सिर्फ कला ही नहीं बल्कि करियर का भी मजबूत विकल्प बन चुका है, जहां लोग कोरियोग्राफर, परफॉर्मर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

Latest Posts