सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले ने अदाणी ग्रुप के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अदालत ने वेदांता की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें जेपी इंफ्राटेक के लिए अदाणी ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इस फैसले के बाद जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि फिलहाल अधिग्रहण प्रक्रिया पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई जाएगी। अदालत ने सभी पक्षों को निर्देश दिया कि वे अपनी दलीलें NCLAT के समक्ष रखें जहां इस मामले की सुनवाई पहले से जारी है। कोर्ट ने एनसीएलएटी को इस मामले में जल्द सुनवाई पूरी करने को भी कहा है।
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इस फैसले को अदाणी ग्रुप के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। कंपनी की ओर से पेश किए गए रिजॉल्यूशन प्लान को पहले ही कर्जदाताओं की समिति से मंजूरी मिल चुकी थी। इसके बाद NCLAT ने भी इस योजना को वैध मानते हुए हरी झंडी दे दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जेपी इंफ्राटेक की निगरानी कर रही मॉनिटरिंग कमेटी यदि कोई बड़ा नीतिगत फैसला लेना चाहती है तो उसे पहले एनसीएलएटी की अनुमति लेनी होगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से यह साफ हो गया है कि अधिग्रहण प्रक्रिया फिलहाल बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ेगी। अब इस मामले की आगे की सुनवाई एनसीएलएटी में होगी जहां सभी पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला जेपी इंफ्राटेक के कर्जदाताओं और कंपनी के भविष्य के लिहाज से अहम है और इससे लंबे समय से अटकी प्रक्रिया को गति मिलेगी।