नेशनल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिहं ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित नौसेना कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन को भारतीय नौसेना में शामिल किया। बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु क्षमता से लैस यह देश की तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी है, जिससे समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। कमीशनिंग से पहले रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा-शब्द नहीं शक्ति है, अरिदमन।
INS अरिदमन पानी के भीतर लगभग 44 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है और इसकी स्टील्थ क्षमता इसे दुश्मन के लिए पहचानना बेहद मुश्किल बनाती है। यह पनडुब्बी के-15 और के-4 जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस है, जिससे भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत हो जाती है। करीब 6,000 टन वजनी यह पनडुब्बी पूरी तरह पानी में डूबने पर लगभग 7,000 टन वजन की हो जाती है। इसमें लगभग 95 से 100 अधिकारियों और नाविकों का दल तैनात रहता है, जो अत्याधुनिक तकनीक के सहारे संचालन करते हैं।
इस पनडुब्बी में 83 मेगावाट क्षमता वाला छोटा परमाणु रिएक्टर लगाया गया है, जिसकी तकनीक तमिलनाडु के कलपक्कम में विकसित नौसैनिक रिएक्टर पर आधारित है। आकार और क्षमता के मामले में अरिदमन अपने पिछले संस्करणों से ज्यादा शक्तिशाली मानी जा रही है। इस श्रेणी की चौथी एसएसबीएन पनडुब्बी फिलहाल समुद्री परीक्षण के चरण में है और संभावना है कि अगले वर्ष इसे भी नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा, जिससे भारत की समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी।