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क्या है सिंधु जल समझौता :कब बनी थी भारत- PAK में सहमति, पहलगाम हमले के बाद भारत ने उठाया था बड़ा कदम

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चल रहे विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों के आर्थिक शोषण, प्रशासनिक दमन और मौलिक अधिकारों के हनन का परिणाम हैं।
कब बनी थी भारत- PAK में सहमति, पहलगाम हमले के बाद भारत ने उठाया था बड़ा कदम
1960 में भारत- पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे

भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पिछले एक साल से लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और खटास आ गई। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए। इनमें सबसे बड़ा फैसला 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करना था।

अब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाते हुए भारत को युद्ध की धमकी दी है। वहीं पाकिस्तान सीमा पर सैन्य तैयारियां भी बढ़ा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है।

क्या है सिंधु जल संधि समझौता?

भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर 1960 को विश्व बैंक की मध्यस्थता में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों का बंटवारा किया गया था जिनमें सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज नदियांं शामिल है।

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संधि की जरूरी बातें जो आपको जानना है जरूरी

  • पश्चिमी नदियां (सिंधु, झेलम, चिनाब) का अधिकांश उपयोग पाकिस्तान को दिया गया।
  • पर्वी नदियां (रावी, ब्यास, सतलुज) पर भारत का अधिकार तय किया गया।
  • सिंधु नदी बेसिन करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है, इससे जुड़े इलाकों में करीब 30 करोड़ लोग रहते हैं। 

पाकिस्तान क्यों घबराया हुआ है?

पहलगाम हमले के बाद भारत ने संधि को निलंबित कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान को आशंका है कि भारत सिंधु नदी प्रणाली के पानी के उपयोग को लेकर अपने अधिकारों का अधिक इस्तेमाल कर सकता है। इसी वजह से पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर भारत के खिलाफ शिकायत भी की है और हस्तक्षेप की मांग की है।

ख्वाजा आसिफ ने फिर बहाए घड़ियाली आंसू

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पानी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भारत पानी रोकने की कोशिश करेगा तो पाकिस्तान युद्ध करने से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि भारत ने इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

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LOC पर बढ़ी सैन्य गतिविधियां

पाकिस्तान की हालिया तैयारियां

  1. 35 एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात की गईं।
  2. एआई आधारित निगरानी प्रणाली शुरू की गई।
  3. इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और काउंटर-ड्रोन ग्रिड तैयार किया गया।
  4. अफगान सीमा से 5 बटालियन सैनिक हटाकर रावलाकोट, कोटली और भीम्बर सेक्टर में तैनात किए गए।
  5. तुर्किये की मदद से कराची के पास ड्रोन असेंबली प्लांट स्थापित किया गया है, जहां हर साल करीब 700 ड्रोन बनाए जाएंगे।

भारत ने पीओके अत्याचारों का मुद्दा उठाया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चल रहे विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों के आर्थिक शोषण, प्रशासनिक दमन और मौलिक अधिकारों के हनन का परिणाम हैं। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान विरोध को दबाने के लिए इंटरनेट बंद करने, जरूरी सामानों की आपूर्ति रोकने और बल प्रयोग जैसे कदम उठा रहा है।

सिंधु जल संधि को लेकर बढ़ा विवाद अब सिर्फ पानी का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक, सामरिक और सुरक्षा तनाव का नया केंद्र बनता जा रहा है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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