इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इंदौर और भोपाल समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा सांसद आलोक शर्मा के बंगले के बाहर पहुंचे, जहां उन्होंने घंटा बजाया और ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाते हुए धरना दिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दूषिप पानी मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए नए इंदौर निगमायुक्त की नियुक्ति की है। साथ ही कई अफसरों के खिलाफ डॉ. यादव की कार्रवाई जारी है।
मंदसौर में भी कांग्रेस का प्रदर्शन उग्र नजर आया। यहां कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और भाजपा सांसद सुधीर गुप्ता के आवास का घेराव किया। इस दौरान डिप्टी सीएम के बंगले के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात तब बिगड़े जब कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते हुए बंगले के गेट तक पहुंच गए।
खरगोन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रीकृष्ण टॉकीज चौराहे पर घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की और दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और भाजपा द्वारा एक वरिष्ठ पत्रकार को ‘घंटा’ शब्द कहकर अपमानित करने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी के निवास के बाहर किया गया, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटे बजाकर अपना आक्रोश जताया।
भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 16 हो गई। वहीं, 150 से ज्यादा लोग अब भी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। गंभीर मरीजों को एक जगह बेहतर इलाज देने के लिए विभिन्न अस्पतालों के ICU से शिफ्ट किया जा रहा है। शनिवार शाम 6 बजे के बाद 12 मरीजों को बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया।
उधर, प्रशासन की ओर से भागीरथपुरा इलाके में पानी की बोरिंग और पाइपलाइन में लीकेज की जांच लगातार जारी है। स्थानीय निवासी ललित ने बताया कि फिलहाल इलाके में पीने के पानी की सप्लाई टैंकरों के जरिए की जा रही है। साफ पानी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए अब गलियों में बिसलेरी पानी से भरी गाड़ियां भी घूम रही हैं, ताकि लोगों को पीने का सुरक्षित पानी मिल सके।