‘PM मोदी महान व्यक्ति हैं लेकिन...’टैरिफ पर कोर्ट के फैसले के बाद बोले ट्रंप, क्या भारत-US डील पर पड़ेगा असर?

US Supreme Court के टैरिफ रद्द करने और ट्रंप के 10% ग्लोबल टैरिफ ऐलान के बावजूद India-US Trade Deal सुरक्षित है। फरवरी के अंत तक अंतरिम समझौता फाइनल होगा। टैरिफ 18% से घटकर 10% हो सकता है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी।
टैरिफ पर कोर्ट के फैसले के बाद बोले ट्रंप, क्या भारत-US डील पर पड़ेगा असर?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका की शीर्ष अदालत के फैसले ने भले ही वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी हो, लेकिन भारत के लिए तस्वीर उतनी नकारात्मक नहीं है, जितनी पहली नजर में दिखती है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द किए जाने और उसके कुछ ही घंटों बाद डोनाल्ड ट्रंप के नए 10% ग्लोबल टैरिफ ऐलान के बावजूद भारत-अमेरिका ट्रेड डील पहले की तरह आगे बढ़ेगी। खुद ट्रंप ने साफ कहा है कि, भारत के साथ होने जा रहा समझौता पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला और उसका असर

    अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए वैश्विक पारस्परिक टैरिफ को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि, 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं दिया गया है।

    अदालत ने दो टूक कहा कि, अमेरिकी संविधान के अनुसार टैक्स और टैरिफ तय करने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। यह फैसला उन राज्यों और व्यापारिक संगठनों की याचिकाओं पर आया था, जो इन टैरिफ से सीधे प्रभावित हो रहे थे।

    ट्रंप का पलटवार- कुछ भी नहीं बदलेगा

    कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जजों की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि कुछ न्यायाधीश विदेशी ताकतों के दबाव में आ गए हैं।

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा-

    कुछ भी नहीं बदलेगा। भारत टैरिफ देगा और हम नहीं देंगे। भारत के साथ जो डील हुई है, उसमें यही तय हुआ है।

    ट्रंप ने यह भी कहा कि, यह डील पहले की व्यवस्था से बिल्कुल उलट है और अब अमेरिका ने शर्तें अपने पक्ष में कर ली हैं।

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    10% Global Tariff का ऐलान, लेकिन भारत को राहत क्यों?

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के महज तीन घंटे बाद ट्रंप ने एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने दुनिया भर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह टैरिफ भारत के लिए पहले से तय 18% में जुड़ेगा या अलग से लागू होगा, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अहम जानकारी दी।

    रिपोर्ट के अनुसार, भारत, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे वे देश जिनके साथ अमेरिका व्यापार समझौते कर चुका है, उन्हें अब Section 122 के तहत केवल 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। इसका मतलब साफ है कि,  भारत पर कुल टैरिफ 18% से घटकर 10% रह सकता है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है।

    मोदी-ट्रंप संबंध और बयान

    ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत तौर पर तारीफ करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी एक सज्जन और महान व्यक्ति हैं, लेकिन अमेरिका के मामले में वे काफी स्मार्ट थे। ट्रंप ने दावा किया कि, भारत पहले अमेरिका के साथ व्यापार में फायदा उठा रहा था, लेकिन अब डील को फ्लिप कर दिया गया है और यह अमेरिका के लिए फेयर हो गई है।

    फरवरी के अंत तक फाइनल होगी ट्रेड डील

    भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि, भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता (ITA) फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा।

    • मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे।
    • अप्रैल से यह पूरी तरह लागू हो जाएगा।

    उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में भारत दुनिया के कई बड़े देशों के साथ व्यापारिक समझौतों को अंतिम रूप देगा।

    23 फरवरी से अहम बैठक, तैयार होगा कानूनी ड्राफ्ट

    23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य 7 फरवरी को जारी Joint Statement के आधार पर समझौते का कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है।

    इस वार्ता में-

    • भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दर्पण जैन करेंगे।
    • टैरिफ में 25% से 18% की कटौती को औपचारिक आदेश का रूप दिया जाएगा।

    भारत-अमेरिका टैरिफ की पूरी टाइमलाइन

    2 अप्रैल 2025 - भारत पर 10% बेसलाइन टैरिफ

    5 अप्रैल 2025 - 26% टैरिफ का ऐलान

    9 अप्रैल 2025 - 90 दिन के लिए टैरिफ स्थगित

    31 जुलाई 2025 - 25% रेसिप्रोकल टैरिफ

    27 अगस्त 2025 - कुल टैरिफ 50%

    2 फरवरी 2026 - टैरिफ घटाकर 18%

    7 फरवरी 2026 - ITA फ्रेमवर्क जारी

    किन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा

    टैरिफ घटने से भारतीय निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा, खासतौर पर-

    • टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़े
    • चमड़ा और जूते
    • जेम्स-ज्वैलरी
    • प्लास्टिक और रबर
    • मशीनरी
    • ऑर्गेनिक केमिकल
    • होम डेकोर और हस्तशिल्प

    GM फूड पर भारत का सख्त रुख

    पीयूष गोयल ने साफ किया कि, इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है। साथ ही अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारत में कोई विशेष टैरिफ छूट नहीं दी गई है, जबकि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात होंगे।

    50 अरब डॉलर की खरीद, बड़ा बाजार खुलेगा

    भारत ने अगले 5 सालों में अमेरिका से 50 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। सरकार का अनुमान है कि, यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार के दरवाज़े खोलेगा। इससे किसानों, MSME, कारीगरों, महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

    नॉन-टैरिफ बाधाओं पर भी सहमति

    दोनों देशों ने तय किया है कि वे नॉन-टैरिफ बैरियर्स को कम करेंगे, जैसे-

    • मेडिकल डिवाइसेस की कीमत तय करने के नियम
    • रजिस्ट्रेशन में देरी
    • तकनीकी मानकों की जटिलताएं
    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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