इंदौर से टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में इंजीनियरिंग छात्र गिरफ्तार: भाई के इलाज के लिए इंदौर आया था, पीछे पहुंच गई मुंबई पुलिस!

इंदौर। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने इंदौर से सोनीपत के इंजीनियरिंग छात्र प्रांजल ठाकरान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रांजल पर फायरिंग की वारदात के लिए शूटरों तक हथियार पहुंचाने में भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में उसका संपर्क अमेरिका में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित और लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क के लोगों से सामने आने की बात कही गई है।
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मोबाइल लोकेशन ने खोला ठिकाना
पुलिस के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखोदा का रहने वाला प्रांजल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष का छात्र है। टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। वह कथित तौर पर लगातार अपनी मोबाइल लोकेशन बदल रहा था। तकनीकी जांच के दौरान शुक्रवार को उसकी लोकेशन इंदौर के मालवा मिल क्षेत्र में मिली।इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम इंदौर पहुंची और स्थानीय अपराध शाखा से मदद मांगी। संयुक्त कार्रवाई के दौरान शनिवार को मालवा मिल के पास स्थित एक निजी अस्पताल से प्रांजल को पकड़ लिया गया। पुलिसकर्मियों के मुताबिक, टीम को उसकी तस्वीर देकर पहचान करने के लिए कहा गया था। अस्पताल के नीचे आते ही उसे हिरासत में ले लिया गया।
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भाई के इलाज के लिए आया था इंदौर
एडिशनल डीसीपी अपराध के अनुसार, प्रांजल का भाई हितेश मालवा मिल क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका लकवे का उपचार चल रहा है। प्रांजल करीब पांच दिन पहले भाई की देखभाल के लिए इंदौर आया था और अस्पताल में ही रुका हुआ था। इसी दौरान मुंबई पुलिस उसकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर उस तक पहुंच गई।
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एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में प्रांजल ने बताया कि वह अमेरिका में बैठे अनिल पंडित से एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत करता था। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि उसने सोनीपत के कुणाल का संपर्क अनिल पंडित से करवाया था। फायरिंग से पहले हथियारों को लेकर बातचीत होने की बात भी सामने आई है।पुलिस के अनुसार, कुणाल ने अपने साथी सुमित के साथ अमृतसर से पिस्तौल और 20 कारतूस खरीदे थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा और उसकी सहेली बबीता के माध्यम से हथियार मुंबई पहुंचाए जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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मनी एक्सचेंज कार्यालय पर फायरिंग की भी जांच
मामले की जांच के दौरान मार्च में एक मनी एक्सचेंज कार्यालय पर हुई फायरिंग का कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात की जिम्मेदारी बाद में अनिल पंडित और रणदीप मलिक ने ली थी। मामले में प्रांजल के साथ कुणाल, संदीप और कृष्ण उर्फ काकू के नाम भी सामने आए हैं। जांच में विदेश से आर्थिक मदद मिलने और संदीप के खाते में 66 हजार रुपये जमा होने की जानकारी भी सामने आई है।
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सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें
पुलिस को प्रांजल के सोशल मीडिया अकाउंट पर हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो रील भी मिली हैं। पुलिस इन पोस्ट और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है, ताकि उसके संपर्कों और कथित आपराधिक नेटवर्क में उसकी भूमिका का पता लगाया जा सके।मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रांजल को जिला अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड मांगा है। आगे की पूछताछ में फायरिंग की साजिश, हथियारों की सप्लाई और आर्थिक मदद से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी।




















