Yemen Houthis Attack Saudi Arabia: तेल ठिकानों और एयरपोर्ट पर हमलों का दावा, मक्का-मदीना को लेकर क्या है पूरा मामला?

यमन के हूती विद्रोहियों ने 24 अक्टूबर को सऊदी अरब में तेल सुविधाओं, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, हमलों के संभावित लक्ष्यों में रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दम्मम का किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सऊदी अरामको की यानबू सुविधा, राबिघ तेल रिफाइनरी और ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन शामिल हैं।
Yemen Houthis Attack Saudi Arabia: तेल ठिकानों और एयरपोर्ट पर हमलों का दावा, मक्का-मदीना को लेकर क्या है पूरा मामला?
सऊदी अरब में तेल सुविधाओं, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

यमन के हूती विद्रोहियों के ताजा दावों से सऊदी अरब में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शनिवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि संगठन ने मिसाइलों और ड्रोन के जरिए सऊदी अरब में कई ठिकानों को निशाना बनाया।

किन-किन जगहों पर हमले का दावा किया गया?

हूती सैन्य प्रवक्ता ने सऊदी अरब के कई प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक ठिकानों के नाम बताए। किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: सऊदी राजधानी रियाद का प्रमुख हवाई अड्डा। किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: पूर्वी सऊदी अरब के दम्मम में स्थित हवाई अड्डा। यानबू में अरामको की सुविधा: तेल उद्योग से जुड़ा अहम ठिकाना। राबिघ तेल रिफाइनरी: कच्चे तेल के प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधा। ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन: सऊदी अरब के तेल परिवहन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा। नज्रान हवाई अड्डा और खमीस मुशैत एयरबेस: हूती प्रवक्ता के अनुसार, इन्हें भी निशाना बनाया गया। 

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मक्का और मदीना की ओर मिसाइलें, सऊदी अधिकारियों ने क्या बताया?

इस घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील पहलू मक्का और मदीना क्षेत्रों की ओर दागी गई मिसाइलों की जानकारी है। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग के मुताबिक, शनिवार को दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के बाद उनके मलबे के गिरने की घटनाएं सामने आईं। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के हिस्से मक्का के वादी अल-मुघम्मस में गिरे। इसके अलावा जेद्दा के अल-नुज़हा इलाके, ताइफ के वादी जलील और राबिघ के मस्तूरा क्षेत्र में भी अवरोधन से जुड़े मलबे की सूचना मिली। हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने मक्का और मदीना पर हमला करने की बात से इनकार किया। 

सऊदी अरामको और तेल पाइपलाइन को निशाना बनाने का दावा क्यों अहम?

सऊदी अरामको दुनिया की प्रमुख तेल कंपनियों में शामिल है। देश की तेल उत्पादन, प्रसंस्करण और वितरण व्यवस्था में इसकी अहम भूमिका है। ऐसे में तेल सुविधाओं या पाइपलाइन को निशाना बनाने की खबरें ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती हैं। ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से से तेल को लाल सागर के तट की ओर पहुंचाने में मदद करती है। यानबू और राबिघ जैसे स्थान भी तेल उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

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सऊदी हवाई अड्डों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाने का दावा करने के साथ एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी भी दी है। रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अक्टूबर में हुए पहले हमले के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। रिपोर्ट के अनुसार, हूती समूह ने रियाद हवाई अड्डे को सैन्य लक्ष्य बताते हुए एयरलाइंस और यात्रियों को वहां से दूरी बनाने की चेतावनी दोहराई। हवाई अड्डे पर परिचालन बहाल करने की योजना की भी खबर आई थी। 

निष्कर्ष: हूती दावों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा पर नजर

सऊदी अरब में तेल सुविधाओं, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर हमले करने के हूती दावों ने क्षेत्रीय तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है। सऊदी अधिकारियों ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और उनके मलबे के विभिन्न इलाकों में गिरने की जानकारी दी है। वहीं, मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोप से हूती पक्ष ने इनकार किया है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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