इंदौर में ‘सेरोगेट मदर’ पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, प्रॉपर्टी कारोबारी से 1 करोड़ मांगने के मामले में गिरफ्तारी

इंदौर। इंदौर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी को कथित तौर पर ब्लैकमेल कर एक करोड़ रुपये मांगने का मामला सामने आया है। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की पॉश कॉलोनी से जुड़े इस मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। कारोबारी की पत्नी की शिकायत के मुताबिक, महिला अब तक कारोबारी से 80 लाख रुपये वसूल चुकी थी और अब एक करोड़ रुपये की मांग कर रही थी। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर वह दंपती को बदनाम करने, घर पहुंचकर हंगामा करने और दोबारा दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की धमकी देती थी।
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पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत सेरोगेट मदर की तलाश से हुई थी। कारोबारी संतोष तलरेजा और उनकी पत्नी कृतिका तलरेजा ने परिवार बढ़ाने के उद्देश्य से महिला से संपर्क किया था। आरोप है कि इसके बाद महिला ने कारोबारी के व्यवसाय और आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मामले में आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए रुपये मांगने का आरोप भी लगाया गया है।
सेरोगेसी के लिए किया था संपर्क, फिर शुरू हुआ विवाद
शिकायत के मुताबिक, कृतिका तलरेजा दोबारा मां नहीं बन सकती थीं। दंपती की एक बेटी है, जिसे विशेष देखभाल की जरूरत बताई गई है। परिवार बढ़ाने के लिए उन्होंने राजमहल कॉलोनी में रहने वाली महिला से सेरोगेट मदर बनने के संबंध में संपर्क किया था।आरोप है कि इस दौरान महिला और कारोबारी परिवार के बीच आर्थिक और पारिवारिक संबंध बन गए। बाद में बच्चों की अभिरक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर विवाद होने लगा। शिकायत में दावा किया गया है कि महिला ने कारोबारी को कानूनी मामलों में फंसाने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी देकर रुपये मांगे।
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80 लाख रुपये वसूलने के बाद एक करोड़ की मांग का आरोप
कारोबारी की पत्नी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि महिला अब तक संतोष तलरेजा से 80 लाख रुपये ले चुकी है। इसके बावजूद वह एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग कर रही थी।शिकायत के अनुसार, महिला रुपये नहीं मिलने पर कारोबारी के घर पहुंचकर बदनाम करने और कॉलोनी में बेइज्जत करने की धमकी देती थी। आरोप यह भी है कि उसके पास कारोबारी की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिन्हें हटाने के नाम पर भी रुपये मांगे जा रहे थे।लगातार मिल रही कथित धमकियों से परेशान होकर कृतिका तलरेजा ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर शिकायत की जांच कराई गई। इसके बाद कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
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वर्ष 2019 में दर्ज कराया था दुष्कर्म का मामला
पुलिस के मुताबिक, शिकायत में अक्टूबर 2019 में महिला द्वारा कारोबारी के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने का भी उल्लेख है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।दंपती ने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने समझौते के दौरान अपनी बेटी को संतोष तलरेजा का नाम देने की शर्त रखी थी। पुलिस अब पुराने मामले, कथित समझौते और वर्तमान शिकायत के बीच संबंधों की जांच कर रही है।हालांकि, पुराने दुष्कर्म मामले में दर्ज शिकायत और उससे जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति का निर्धारण संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही किया जा सकेगा।
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अन्य लोगों के खिलाफ भी दर्ज कराए थे मामले
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि संबंधित महिला ने वकील प्रमोद व्यास सहित अन्य लोगों के खिलाफ भी दुष्कर्म और दूसरी धाराओं में मामले दर्ज कराए थे। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में समझौते होने की जानकारी भी सामने आई है।अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन मामलों और मौजूदा शिकायत के बीच कोई समानता है। प्रत्येक मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की अलग-अलग जांच की जाएगी। केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ पहले शिकायत दर्ज होने या समझौता होने से यह साबित नहीं होता कि शिकायत झूठी थी।
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बच्चों की अभिरक्षा को लेकर भी विवाद
शिकायत में सेरोगेसी से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख है। दंपती का आरोप है कि सेरोगेसी से पहली बेटी के जन्म के बाद महिला ने बच्ची को उन्हें सौंपने से इनकार कर दिया। बाद में बेटे के जन्म पर भी उसे अपने पास रखने की बात कही गई है।शिकायत के अनुसार, बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फ्लैट और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) जैसी व्यवस्थाएं भी की गई थीं। महिला ने अपने पति से जन्मी बेटी को भी संतोष तलरेजा का नाम देने का मामला सामने आने की बात कही गई है।इन सभी पहलुओं में बच्चों की अभिरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और सेरोगेसी से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस आर्थिक लेन-देन और कथित धमकियों की जांच के साथ संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।


















