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भगवा रंग में रंगा सीतला माता बाजार... दिग्विजय सिंह को पुलिस ने रोका, विरोध में फेंकी गई चूड़ियां

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भगवा रंग में रंगा सीतला माता बाजार... दिग्विजय सिंह को पुलिस ने रोका, विरोध में फेंकी गई चूड़ियां
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। शहर के सीतलामाता बाजार में मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की अपील के बाद शुरू हुआ विवाद और गहराता जा रहा है। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मौके पर पहुंचे तो हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने उन्हें बाजार में घुसने से रोक दिया। इस दौरान हिंदू संगठनों ने उनका जोरदार विरोध किया और चूड़ियां फेंककर नाराजगी जताई। मामला बढ़ने पर पुलिस को भारी बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात करनी पड़ी।

    पुलिस ने रोका, सराफा थाने पहुंचे दिग्विजय

    पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह शनिवार को सीतलामाता बाजार पहुंचे थे। उनका कहना था कि वे वहां व्यापारियों से मिलकर मुस्लिम कर्मचारियों के खिलाफ जारी धमकियों पर चर्चा करना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें बाजार में प्रवेश करने से रोक दिया। लंबी बहस के बाद वे सीधे सराफा थाने पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

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    भगवा झंडों और बैनरों से पटा बाजार

    दिग्विजय सिंह के विरोध में सीतलामाता बाजार की दुकानों को भगवा झंडों और बैनरों से सजाया गया। कई दुकान संचालकों ने गले में केसरिया पट्टा पहना। मौके पर महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और हाथों में चूड़ियां लेकर खड़ी रहीं। जब दिग्विजय सिंह पुलिस से बात कर रहे थे, उसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर चूड़ियां फेंकीं।

    दिग्विजय का सरकार पर हमला

    सराफा थाने में मीडिया से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक विधायक के समर्थक खुलेआम मुसलमानों को नौकरी न देने और उनका व्यापार बंद कराने की धमकी दे रहे हैं। यह कानूनन अपराध है, फिर भी पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि जो लोग ईमानदारी से व्यापार कर रहे हैं, उन्हें डराना और रोजगार से वंचित करना बिल्कुल गलत है।

    भाजपा विधायक के बेटे की अपील से बढ़ा विवाद

    इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य गौड़ ने व्यापारियों से अपील की थी कि वे अपनी दुकानों से मुस्लिम कर्मचारियों को हटा दें। उन्होंने 25 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। चेतावनी की समय सीमा खत्म होने के बाद बाजार में असर दिखने लगा और कई व्यापारियों ने अनिच्छा के बावजूद मुस्लिम कर्मचारियों को काम से हटा दिया।

    पुलिस की कड़ी निगरानी

    विवाद को देखते हुए इलाके में पुलिस बल और RAF तैनात कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी तरह की अफवाह या हिंसा की स्थिति न बने।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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