शहर में निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताबों की अनिवार्य खरीद को लेकर की जा रही मनमानी पर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। इंदौर के गांधीनगर क्षेत्र स्थित डॉ. विश्वनाथ कराडा गुरुकुल शांति (वर्ल्ड पीस स्कूल) के संचालक और प्राचार्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर की गई।
कॉपी-किताबें केवल तय दुकान से ही खरीदने का दबाव
प्रकरण तब सामने आया जब कई अभिभावकों ने प्रशासन से लिखित शिकायत कर स्कूल प्रबंधन की मनमानी उजागर की। अभिभावकों का आरोप था कि स्कूल द्वारा बच्चों की कॉपी-किताबें केवल एक तय दुकान से ही खरीदने का दबाव बनाया जा रहा था। यदि कोई अभिभावक अन्य दुकानों से किताबें लेने की कोशिश करता, तो उन्हें या तो वही किताबें उपलब्ध नहीं होतीं या स्कूल द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से मना कर दिया जाता था।
बाजार दर से काफी अधिक कीमत पर बेची जा रही थीं।
अभिभावकों ने यह भी बताया कि निर्धारित दुकान पर किताबें बाजार दर से काफी अधिक कीमत पर बेची जा रही थीं। कई परिजनों का कहना था कि उन्हें मजबूरी में महंगे दामों पर पूरा सेट खरीदना पड़ा, जिससे उनके मासिक बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल द्वारा समय-सीमा तय कर दी जाती थी, जिसके भीतर किताबें उसी दुकान से खरीदना अनिवार्य कर दिया जाता था, अन्यथा बच्चों को कक्षा में असुविधा का सामना करना पड़ता था।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन की एक्शन -
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान आरोप सही पाए गए। विशेष बात यह रही कि स्कूल के प्राचार्य ने लिखित रूप से स्वीकार किया कि पुस्तकों की व्यवस्था एक निश्चित दुकान के माध्यम से कराई जा रही थी।
किताबें खरीदने के लिए बाध्य करने पर रोक -
प्रशासन के अनुसार यह कृत्य शासन द्वारा जारी उन स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है, जिनमें स्कूलों को किसी विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य करने पर रोक लगाई गई है। इस आधार पर थाना गांधीनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जबरन वसूली या मोनोपोली बर्दाश्त नहीं -
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जबरन वसूली या मोनोपोली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि अन्य स्कूलों के खिलाफ भी इस प्रकार की शिकायतें सामने आती हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों को राहत, कार्रवाई से बढ़ी उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद अभिभावकों में राहत का माहौल है। कई परिजनों ने कहा कि लंबे समय से वे इस समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन पहली बार प्रशासन ने ठोस कदम उठाया है। उनका मानना है कि इस कार्रवाई से अन्य स्कूलों को भी स्पष्ट संदेश जाएगा और भविष्य में इस तरह की मनमानी पर रोक लगेगी।