इंदौर के रियल एस्टेट कारोबारी बंटी नागर सुसाइड केस: अब अटके प्रोजेक्ट व करोड़ों का लेन-देन सहित फाइनेंसर पुलिस के रडार पर

इंदौर। रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर की आत्महत्या के मामले में पुलिस की जांच अब निजी घटनाक्रम से आगे बढ़कर उसके पूरे कारोबारी नेटवर्क तक पहुंच गई है। पलासिया पुलिस बंटी के कारोबार, प्रोजेक्टों में आई अड़चनों, पैसों के लेन-देन और उससे जुड़े कारोबारियों व फाइनेंसरों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान कई ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनसे बंटी के आर्थिक संबंध होने की जानकारी मिली है।
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शुक्रवार को पुलिस ने बंटी के कर्मचारी मनीष और गोपाल सहित पांच कर्मचारियों से कई घंटे पूछताछ की। इनमें अकाउंटेंट, ऑफिस ब्वाय और महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। पुलिस कर्मचारियों से यह समझने की कोशिश कर रही है कि बंटी के कारोबार में किन लोगों का पैसा लगा था, किन लोगों से रकम ली गई थी और हाल के दिनों में किसी तरह का भुगतान, वसूली या आर्थिक दबाव तो नहीं था।पुलिस इससे पहले बंटी के भाई राजेश नागर, बेटे ऋषित नागर और पत्नी अर्पणा नागर से भी जानकारी जुटा चुकी है। अब जांच टीम बैंक खातों, कारोबारी दस्तावेजों और प्रोजेक्ट से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाल रही है। पूछताछ में गोविंद, मनोज चौधरी, अशोक भाटिया और चित्रेश मेहता सहित कुछ कारोबारियों और फाइनेंसरों के नाम सामने आने की जानकारी है। पुलिस इन नामों से जुड़े आर्थिक लेन-देन की दस्तावेजों के आधार पर जांच कर रही है।
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10 प्रोजेक्ट में पांच पर अड़चन
कर्मचारियों के मुताबिक बंटी नागर संस्कृति डेवलपर्स के नाम से रियल एस्टेट कारोबार करते थे और उनके करीब 10 प्रोजेक्ट चल रहे थे। इनमें लगभग पांच प्रोजेक्ट अलग-अलग कारणों से अटके हुए थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन प्रोजेक्टों के अटकने के पीछे सिर्फ अनुमति और जमीन से जुड़े मामले थे या आर्थिक विवाद और अन्य दबाव भी कारण बने।बाल्या खेड़ी-बायपास क्षेत्र के एक प्रोजेक्ट में अनुमति से जुड़ी परेशानी सामने आई है। वहीं सुपर कॉरिडोर के एक प्रोजेक्ट में भी अड़चन की जानकारी पुलिस को मिली है। शिव मोती नगर के प्रोजेक्ट का भी पूछताछ में उल्लेख हुआ है। हालांकि इन प्रोजेक्टों में किसकी क्या भूमिका थी, इसे लेकर पुलिस अभी दस्तावेज जुटा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।
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करोड़ों के लेन-देन पर भी फोकस
पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि बंटी ने किन लोगों से कितनी रकम ली थी और किन लोगों को भुगतान किया था। पूछताछ के दौरान कुछ लोगों द्वारा बंटी से करोड़ों रुपये लेने की बात सामने आने की जानकारी मिली है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मौत से पहले बंटी पर किसी तरह की रकम लौटाने या वसूली का दबाव था या नहीं।इसके लिए बैंक खातों के साथ-साथ प्रोजेक्ट फाइल, हिसाब-किताब और अन्य कारोबारी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस आर्थिक लेन-देन को बंटी की मौत से जोड़कर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान का मिलान कर रही है।
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दिल्ली-मुंबई संपर्क भी जांच के घेरे में
जांच का दायरा बंटी के कारोबारी नेटवर्क तक सीमित नहीं है। पुलिस उसके निजी संपर्कों और दिल्ली-मुंबई में होने वाली गतिविधियों की जानकारी भी जुटा रही है। सूत्रों के अनुसार, बंटी का दोनों शहरों में आना-जाना था और वहां कुछ मॉडल्स से संपर्क होने की जानकारी पुलिस को मिली है।मनीषपुरी क्षेत्र के एक भूमाफिया की पत्नी के साथ बंटी की नजदीकी और उसके कार्यालय आने-जाने की बात भी जांच के दौरान सामने आई है। उक्त महिला जमीन से जुड़े एक मामले में जेल जा चुकी है। पुलिस इस जानकारी की भी अलग-अलग स्रोतों से पुष्टि कर रही है।
मोबाइल और दस्तावेजों से खुल सकता है राज
पुलिस अब बंटी के मोबाइल फोन, बैंक खातों, प्रोजेक्ट फाइलों और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। खासतौर पर उन लोगों के संपर्क और लेन-देन पर नजर है, जिनके साथ बंटी के आर्थिक या कारोबारी विवाद रहे हों।फिलहाल पुलिस किसी एक कारण को बंटी की आत्महत्या की वजह नहीं मान रही है। कारोबारी अड़चनों, आर्थिक लेन-देन, प्रोजेक्ट विवाद और निजी संपर्कों से जुड़े सभी पहलुओं को अलग-अलग जांचा जा रहा है। पूछताछ और दस्तावेजी जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है।



















