
इंदौर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई जारी है। इंदौर जिले के देपालपुर तहसील में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को एक पटवारी को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पटवारी अक्षत जैन ने सीमांकन (नपती) के कार्य के लिए 40,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता किसान संदीप वैष्णव (निवासी रुणावदा, तहसील देपालपुर) ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत दी थी कि पटवारी अक्षत जैन उनकी और उनके दादाजी की कृषि भूमि के सीमांकन के लिए 40 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। आरोपी ने पहले ही 15 हजार रुपए ले लिए थे और शेष 10 हजार रुपए 7 मार्च को लेने की बात तय हुई थी। शिकायत की जांच के बाद, लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के निर्देशन में ट्रैप दल का गठन किया गया, जिसने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
लोकायुक्त टीम को देखकर भागा पटवारी
शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में ट्रैप दल का गठन किया गया। जैसे ही पटवारी अक्षत जैन ने 10,000 रुपए रिश्वत ली, टीम मौके पर पहुंच गई। लोकायुक्त टीम के पहुंचने पर पटवारी अक्षत जैन भागकर खेतों की ओर चले गए, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया।
महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद के निर्देश पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। इस मामले में आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।