इंदौर। शहर में ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर चल रहे शातिर ठगी रैकेट का चंदन नगर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। यह कोई मामूली धोखाधड़ी नहीं, बल्कि पूरी तरह संगठित और योजनाबद्ध गिरोह था, जिसने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर करीब 15 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह में डिलीवरी बॉय ही सबसे अहम कड़ी निकले, जिन्होंने भरोसे को हथियार बनाकर कंपनी को चूना लगाया।
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक डिलीवरी पार्टनर कंपनी के स्टॉक में लगातार गड़बड़ी सामने आई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे इस पूरे खेल की परतें खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि डिलीवरी बॉय दीपक मोहेर और प्रवीण सिंह, जयपुर के शातिर मास्टरमाइंड रितिक गुप्ता के साथ मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे।
गिरोह खास तौर पर महंगे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स को निशाना बनाता था। आरोपी ब्रांडेड कंपनी Apple के iPod और Apple Pencil जैसे प्रोडक्ट्स ऑर्डर करते थे। डिलीवरी के दौरान असली सामान निकाल लिया जाता और उसकी जगह नकली सामान पैक कर दिया जाता। इसके बाद ऑर्डर को रिजेक्ट दिखाकर पूरे सिस्टम को गुमराह कर दिया जाता था।
आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिए वर्चुअल नंबर और फर्जी आईडी का इस्तेमाल करते थे। 5 SIM जैसी वेबसाइटों से नंबर लेकर नए-नए अकाउंट बनाए जाते, ताकि पुलिस तक कोई सीधा सुराग न पहुंचे। यह पूरा नेटवर्क तकनीकी तरीके से बेहद चालाकी से ऑपरेट किया जा रहा था।
ठगी के बाद असली प्रोडक्ट्स को बस के जरिए जयपुर भेजा जाता था। वहां से इन्हें दिल्ली के करोल बाग जैसे बड़े बाजारों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था। यानी यह गिरोह इंदौर, जयपुर और दिल्ली तक फैला एक अंतरराज्यीय नेटवर्क चला रहा था।
चंदन नगर थाना क्षेत्र पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर जयपुर में दबिश देकर मास्टरमाइंड रितिक गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी आनंद कलादगी के अनुसार आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ जारी है।