बांग्लादेश की अदालत में शेख हसीना समेत 286 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि भारत ने स्पष्ट किया है कि उसे प्रत्यर्पण से जुड़ा अनुरोध मिला है, जिस पर विचार किया जा रहा है और द्विपक्षीय संबंध भी मजबूत किए जाएंगे।
बांग्लादेश की अदालत में शेख हसीना और अन्य आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में सुनवाई शुरू हो गई है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने सरकार के खिलाफ साजिश रची और अस्थिरता फैलाने की कोशिश की इस मामले में कुल 286 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जिनमें से बड़ी संख्या अभी तक अदालत में पेश नहीं हुई है अदालत पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है, लेकिन अनुपस्थिति में भी कार्रवाई आगे बढ़ रही है इस केस को बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
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भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत को इस मामले में अनुरोध प्राप्त हुआ है। और इस पर विचार किया जा रहा है उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह बांग्लादेश की आंतरिक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। और भारत इस पर सावधानी से कदम उठाएगा एस जयशंकर ने भी दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया है जिससे साफ है कि भारत इस मुद्दे को संवेदनशीलता और संतुलन के साथ संभालना चाहता है।
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आरोपों के मुताबिक शेख हसीना ने 'जॉय बांग्ला ब्रिगेड' नामक समूह की बैठक में हिस्सा लिया था जिसमें मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने की कथित योजना बनाई गई थी इस बैठक में सैकड़ों लोगों की भागीदारी बताई गई और विद्रोह भड़काने के आरोप भी सामने आए हैं। यह संगठन अवामी लीग और शेख मुजीबुर रहमान की विचारधारा से जुड़ा माना जाता है।
बताया जा रहा है कि अगस्त 2024 में देश छोड़ने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं, और फिलहाल यहीं से पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही हैं। इस बीच बांग्लादेश की एजेंसियों ने गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए हैं, और जांच को तेज किया है। भारत और बांग्लादेश के बीच इस मुद्दे पर आगे बातचीत की संभावना बनी हुई है जिससे आने वाले समय में प्रत्यर्पण को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।