सोनम-सिया के बाद अब उर्मिला !शादी से 3 दिन पहले की होने वाले दूल्हे की हत्या

झारखंड के गिरिडीह जिले से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। यहां शादी से महज तीन दिन पहले 20 वर्षीय नीरज हाजरा की हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में दावा किया गया है कि इस वारदात के पीछे उसकी मंगेतर उर्मिला कुमारी और उसका जीजा सुभाष पासवान थे। जांच के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और तय हुई शादी उनके रिश्ते में बाधा बन रही थी। इसी वजह से कथित तौर पर नीरज को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, जंगल में मिला शव
पूरा मामला गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के भिखोडीह गांव का है। 5 जुलाई को नीरज हाजरा अचानक लापता हो गया था। उसके पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शुरुआत में पुलिस ने सामान्य गुमशुदगी मानकर जांच शुरू की, लेकिन परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई। इसके बाद 8 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी गई। जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस बिहार के जमुई जिले के बिचकोड़वा थाना क्षेत्र स्थित बेला जंगल पहुंची। यहां पहले से बरामद एक अज्ञात शव की पहचान नीरज हाजरा के रूप में हुई। शव मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया।
एसआईटी की जांच में सामने आई पूरी साजिश
गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। जांच टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ा। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि बेंगाबाद थाना क्षेत्र के गमतरिया गांव की रहने वाली उर्मिला कुमारी का अपने जीजा सुभाष पासवान से प्रेम संबंध था। परिवार ने उर्मिला की शादी नीरज हाजरा से तय कर दी थी और विवाह में केवल तीन दिन बचे थे। पुलिस के मुताबिक, यही शादी दोनों के रिश्ते में सबसे बड़ी रुकावट बन गई थी।
पूर्व नियोजित तरीके से की गई हत्या
पुलिस के अनुसार, उर्मिला और सुभाष ने पहले से योजना बनाकर नीरज को बुलाया। इसके बाद उसकी हत्या कर शव को बिहार के बेला जंगल में फेंक दिया गया, ताकि पहचान और जांच दोनों में देरी हो। हालांकि, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों ने आरोपियों की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार और स्कूटी बरामद
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के जमुई जिले के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र निवासी सुभाष पासवान और गिरिडीह के गमतरिया गांव निवासी उर्मिला कुमारी शामिल हैं। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई होंडा स्कूटी (JH-11AS-0312) बरामद की है। वहीं बिहार पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो चाकू भी जब्त किए हैं।
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एसडीपीओ बोले- तकनीकी साक्ष्यों से सुलझा मामला
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि आधुनिक तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से इस पूरे हत्याकांड का खुलासा किया गया। कम समय में मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए झारखंड और बिहार में लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक प्रदीप कुमार दास, जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव, अवर निरीक्षक रोहित सिंह, जमुआ थाना की टीम और एसआईटी के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस हत्याकांड में कुछ अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। उनकी पहचान कर ली गई है और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।












