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अब नहीं बचेगा हाफिज सईद!पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड पर बड़ा एक्शन, अदालत ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ा कानूनी एक्शन हुआ है। लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है।
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पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड पर बड़ा एक्शन, अदालत ने जारी किया गैर-जमानती वारंट
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के मामले में लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए दर्दनाक आतंकी हमले के मामले में बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। इस हमले के कथित मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की एक अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की याचिका पर की गई है। NIA ने अपनी याचिका में अदालत को बताया कि हाफिज सईद इस आतंकी हमले की साजिश रचने वालों में प्रमुख भूमिका निभाने वाला आरोपी है। अदालत के इस फैसले के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज हो गई है।

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बनाया गया आरोपी

NIA ने 10 जुलाई को इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में पहली बार हाफिज सईद का नाम आरोपी के रूप में शामिल किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि उसके पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे पता चलता है कि पहलगाम हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान में बैठकर तैयार की गई थी और इसमें हाफिज सईद की महत्वपूर्ण भूमिका थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत ने मामले पर सुनवाई की और अब हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है।

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गैरमौजूदगी में भी चल सकेगा मुकदमा

NIA ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद फिलहाल पाकिस्तान में मौजूद है और उसे भारत लाना इस समय संभव नहीं है। ऐसे में नए आपराधिक कानूनों के तहत उसके खिलाफ गैरमौजूदगी में मुकदमा (Trial in Absentia) चलाया जा सकता है। इसका मतलब है कि अगर आरोपी अदालत में मौजूद नहीं है और जानबूझकर कानून से बच रहा है, तब भी उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। यह प्रावधान नए आपराधिक कानूनों में शामिल किया गया है ताकि देश से बाहर छिपे अपराधियों के खिलाफ भी न्यायिक कार्रवाई रुक न जाए।

अब भगोड़ा घोषित करने की होगी प्रक्रिया

अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अब अगला कदम हाफिज सईद को भगोड़ा घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करना होगा। यदि अदालत उसे भगोड़ा घोषित कर देती है, तो उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई और मजबूत हो जाएगी। इससे उसकी संपत्तियों पर कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को भी गति मिल सकती है।

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NIA ने क्या कहा?

NIA के अनुसार, जांच में सामने आया है कि पहलगाम आतंकी हमले की योजना पाकिस्तान में तैयार की गई थी। एजेंसी का दावा है कि इस साजिश में हाफिज सईद की अहम भूमिका रही। NIA ने अदालत को यह भी बताया कि पाकिस्तान से हाफिज सईद के प्रत्यर्पण (Extradition) की संभावनाएं फिलहाल लगभग खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में भारत के कानून के तहत उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

चार्जशीट में किन-किन के नाम शामिल हैं?

इस मामले में एनआईए पहले भी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। पहली चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों को आरोपी बनाया गया था। इनमें सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी शामिल है। इसके अलावा लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी आतंकी साजिद सैफुल्ला जट्ट का नाम भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर के दो स्थानीय आरोपियों बशीर अहमद और परवेज अहमद को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। NIA का कहना है कि इन लोगों ने आतंकियों की मदद की थी।

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क्या था पहलगाम आतंकी हमला?

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था। यह हमला देश के सबसे दर्दनाक आतंकी हमलों में से एक माना गया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ज्यादातर पर्यटक थे, जो छुट्टियां मनाने पहलगाम पहुंचे थे। हमले के दौरान कई लोगों के घायल होने की भी खबर सामने आई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

धर्म पूछकर की गई थी हत्या

जांच के अनुसार, आतंकियों ने हमले के दौरान कई लोगों से पहले उनका धर्म पूछा और उसके बाद गोली मार दी। इस घटना की तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शियों की बातें सामने आने के बाद पूरे देश में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

भारत ने की जवाबी कार्रवाई

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम से सैन्य कार्रवाई की। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। बताया गया कि इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कई ठिकाने नष्ट किए गए। भारतीय सेना ने आतंकियों के प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य ढांचों को भी नुकसान पहुंचाया।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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