Naresh Bhagoria
20 Jan 2026
प्रभा उपाध्याय
इंदौर। घटती हरियाली के बीच लोगों ने स्थानीय पार्षद के सहयोग से एक अनोखी पहल शुरू की है। सत्यदेव नगर में एक ऐसा बगीचा तैयार किया है, जिसमें इंसानों की नहीं, सिर्फ पक्षियों की एंट्री रहेगी। करीब एक बीघा जमीन में तैयार हो रहे इस बगीचे में आम, जामुन, अंजीर, काजू, बेर, खिरनी, जंगल जलेबी जैसे 300 फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। इनके आसपास 700 अन्य प्रजातियों के पौधे भी लगाए जा रहे हैं। बगीचे के बीच में पक्षियों के लिए कमल कुंड बनाया गया है। इसमें छोटी-छोटी मछलियां डाली गई हैं, ताकि बगुलें यहां आएं तो उन्हें आसानी से भोजन मिल सके। यहां केवल माली को ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी, शहर के अन्य लोगों के लिए यह ‘नो एंट्री जोन’ रहेगा।
इस बगीचे के लिए तीन सौ लोगों ने भी स्वेच्छा से 500-500 रुपए दिए हैं। इस तरह करीब 1.5 लाख की राशि जनसहभागिता से जुटाई गई है। हर पौधा किसी न किसी परिजन की याद में लगाया गया है। किस पक्षी को कौन से फल प्रिय हैं, इसी आधार पर पौधों का चयन किया गया है। बगीचा तैयार करने का काम पितृ पक्ष के दौरान शुरू किया गया था। दरअसल, बीते कुछ सालों में शहरों से पक्षी गायब होते जा रहे हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए बगीचा बनाने का आइडिया आया था।
-माता-पिता और दादा-दादी की याद में मैंने भी आम का एक पौधा लगाया है। इस बात का संतोष है कि इसका फल पक्षी खाएंगे।
अक्षय मिश्रा, रहवासी, सत्यदेव नगर
-कुछ सालों से हम देख रहे हैं कि पक्षी गायब हो रहे थे। इसीलिए हमने ये गार्डन तैयार किया है। मैंने पिता की स्मृति में पौधा लगाया है।
धर्मेश पंडित , रहवासी,सत्यदेव नगर
-यह पक्षियों का अपना बगीचा होगा। यहां पक्षियों को भोजन, पानी और आशियाना एक ही जगह मिल सकेगा। यह बगीचा इंदौर की संवेदनशील सोच का उदाहरण बनेगा।
अभिषेक शर्मा बबलू, क्षेत्रीय पार्षद