इंदौर और आसपास के जिलों में खौफ का दूसरा नाम बने गैंगस्टर सलमान लाला का अंत पुलिस से बचने की कोशिश में हो गया। रविवार दोपहर उसकी लाश सीहोर जिले के इंदौर-भोपाल रोड स्थित पानी से भरे गड्ढे से बरामद हुई। लाला पर एनडीपीएस और हत्या के प्रयास समेत 32 से ज्यादा मामले दर्ज थे। घटना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके से शव बाहर निकाला।
शुक्रवार देर रात इंदौर क्राइम ब्रांच ने दरबार ढाबे के पास एक स्कॉर्पियो कार को रोकने की कोशिश की। इसमें सलमान लाला, उसका भाई शादाब और अन्य साथी सवार थे। पुलिस को देखते ही कार सवारों ने हमला करने की कोशिश की। घेराबंदी के दौरान शादाब और उसके तीन साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए, लेकिन सलमान अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
भागते-भागते वह एक तालाब के पास पहुंचा और उसमें कूद गया। उसे लगा तालाब छोटा और उथला होगा, जहां वह छिप सकेगा। लेकिन पानी गहरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और डूब गया।
सलमान की तलाश में शनिवार को पुलिस और एसडीआरएफ ने लसूडिया परिहार गांव के पास बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान रविवार दोपहर पानी में एक शव दिखा। बोट की मदद से शव को बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान सलमान लाला के रूप में हुई।
क्राइम ब्रांच ने सलमान के भाई शादाब उर्फ सिद्धू, अरुण मालवीय, सौरभ राठौड़ और कुलदीप साल्दे को गिरफ्तार किया। इनके पास से दो पिस्टल, दो राउंड कारतूस, एक चाकू और 11 ग्राम एमडी ड्रग जब्त किया गया। शादाब हाल ही में सागर जेल से जमानत पर बाहर आया था। उस पर हत्या और अन्य संगीन मामलों में केस दर्ज हैं। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि हथियार और नशीला पदार्थ कहां से लाए थे।
इंदौर पुलिस ने इसी दौरान शनिवार रात शहर में अभियान चलाकर 1220 बदमाशों की चेकिंग की। इनमें से 576 के खिलाफ कार्रवाई हुई। 132 वाहन चालकों पर शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा खुले में शराब पीने वाले 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इंदौर में लंबे समय से सक्रिय गैंगस्टर सलमान लाला का इस तरह तालाब में डूबकर मरना अपराध की दुनिया में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई और लगातार दबाव के बीच उसका खौफनाक सफर इसी तरह खत्म हो गया।