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बाणगंगा पुलिस की बेरुखी 9 घंटे शव लेकर भटकता रहा परिवार:करंट से युवक की मौत, पोस्टमार्टम पर पुलिस बनी तमाशबीन

करंट लगने से युवक की मौत के बाद इंदौर में पुलिस की संवेदनहीनता सामने आई। परिजन 9 घंटे तक शव लेकर अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन बाणगंगा पुलिस ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने बातचीत की रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है, वहीं मामले की जांच की बात कही गई है।
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9 घंटे शव लेकर भटकता रहा परिवार:करंट से युवक की मौत, पोस्टमार्टम पर पुलिस बनी तमाशबीन

इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में पुलिस की कथित अमानवीयता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अलवासा गांव के 21 वर्षीय अंकित फुलेरिया की करंट लगने से मौत के बाद उसका परिवार करीब 9 घंटे तक शव लेकर अस्पताल-दर-अस्पताल भटकता रहा, लेकिन जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय पल्ला झाड़ लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने साफ कह दिया “तुम जानो तुम्हारा काम जाने”

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मामला 11 मई का है। निर्माणाधीन मकान में सरिया कटिंग के दौरान अंकित को करंट लग गया था। गंभीर हालत में उसका ममेरा भाई नीलेश और अन्य परिजन उसे अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन शव को मर्चुरी में रखवाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे और शव लेकर चले गए।

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अब हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं…

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्होंने तत्काल बाणगंगा थाने को सूचना दी, लेकिन वहां से चौंकाने वाला जवाब मिला। अस्पताल एडमिन विलास क्षीरसागर के मुताबिक हेड कांस्टेबल ने कहा “अब तो शव ले गए हैं… तुमने मर्चुरी में क्यों नहीं रखवाया… अब हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं… तुम जानो तुम्हारा काम जाने…” और फोन काट दिया। अस्पताल प्रबंधन के पास इस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी होने का दावा किया गया है। इतना ही नहीं, अस्पताल प्रशासन ने सियाराम सिंह गुर्जर को भी तीन बार फोन लगाया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने भी मामले में कोई तत्परता नहीं दिखाई।

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शव लेकर सांवेर तक भटकता रहा परिवार

परिजन शव लेकर पहले सांवेर के जैन अस्पताल पहुंचे, फिर सरकारी अस्पताल गए। वहां सांवेर पुलिस को मर्ग की सूचना दी गई। सांवेर पुलिस ने दोबारा बाणगंगा थाने को जानकारी दी। इसके बाद रात करीब 9 बजे परिजन फिर अरबिंदो अस्पताल लौटे और शव मर्चुरी में रखवाया गया।बताया गया कि बाणगंगा थाने के हेड कांस्टेबल संजय को सूचना दी गई, लेकिन अगले दिन भी पोस्टमार्टम में देरी होती रही। जब परिजनों का गुस्सा फूटा और हंगामे की स्थिति बनी, तब जाकर पुलिस का एक जवान मौके पर पहुंचा और औपचारिक कार्रवाई पूरी हुई। इसके बाद युवक का अंतिम संस्कार हो सका।

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मामले को लेकर एडिशनल डीसीपी वहीं रामस्नेही मिश्रा ने कहा है कि यदि शव को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही हुई है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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