इंदौर। होली के दिन शहर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक बड़े हादसे की कगार पर पहुंच गया। बुधवार शाम एयरपोर्ट परिसर के घास वाले मैदान में अचानक भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। तेज हवाओं के बीच आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं और आसमान में धुएं का घना गुबार उठते ही एयरपोर्ट सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को अलर्ट किया गया। एयरपोर्ट की फायर सर्विस टीम ने मोर्चा संभालते हुए आग को रनवे और विमानों की आवाजाही वाले हिस्से की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कड़ा संघर्ष किया। करीब डेढ़ घंटे तक दमकलकर्मी आग से जूझते रहे, तब जाकर लपटों पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सूखी घास में लगी आग ने तेजी से फैलकर पूरे मैदान को अपनी चपेट में ले लिया था। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि शुरुआती तौर पर तेज गर्मी और सूखी घास को इसकी वजह माना जा रहा है।
कलेक्टर के आदेश पर प्रशासन का ताबड़तोड़ एक्शन,
एयरपोर्ट परिसर में आग लगने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। शिवम वर्मा के निर्देश पर एडीएम रोशन राय समेत प्रशासनिक अधिकारियों की टीम और नगर निगम का दमकल अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की कमान संभाली और राहत व नियंत्रण कार्यों की निगरानी शुरू की। एडीएम रोशन राय के अनुसार आग केवल परिसर के बाहरी हिस्से में फैली सूखी घास तक ही सीमित रही और इसे एयरपोर्ट की मुख्य संपत्तियों या आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया। प्रशासन की सतर्कता और दमकल टीम की तेज कार्रवाई के कारण इस घटना में न तो कोई जनहानि हुई और न ही किसी तरह की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। गौरतलब है कि शहर में हाल के हादसों को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने पहले ही संवेदनशीलता दिखाते हुए अपना होली मिलन समारोह निरस्त कर दिया था और प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड पर रखा था। इसी सतर्कता का नतीजा रहा कि एयरपोर्ट परिसर में लगी आग पर फौरन काबू पाकर संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया गया।