इंटरनेशनल डेस्क। दुनिया में आखिर सबसे खुशहाल लोग कहां रहते हैं? इसका जवाब इस साल की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट ने फिर से दे दिया है और नतीजे काफी दिलचस्प हैं। जहां एक ओर फिनलैंड ने लगातार अपनी बादशाहत कायम रखी है, वहीं कोस्टा रिका की जबरदस्त छलांग और युद्ध के बीच भी इजरायल की मजबूत स्थिति ने सभी को चौंका दिया है। 147 देशों के आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट ने यह भी दिखाया कि अमीर देश ही जरूरी नहीं कि सबसे खुश हों।
इस साल भी फिनलैंड दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना हुआ है। खास बात यह रही कि कोस्टा रिका ने चौथे स्थान पर पहुंचकर अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की है। वहीं, ईरान के साथ तनाव के बावजूद इजराइल ने आठवां स्थान हासिल कर अपनी मजबूत सामाजिक संरचना का संकेत दिया है।
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इस बार रिपोर्ट में सबसे बड़ा झटका अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे समृद्ध देशों को लगा, जो टॉप-10 से बाहर हो गए हैं। अमेरिका 23वें, ब्रिटेन 29वें, कनाडा 25वें और ऑस्ट्रेलिया 15वें स्थान पर रहे। भारत की बात करें तो इसमें हल्का सुधार हुआ है। देश 118वें से उठकर 116वें स्थान पर पहुंचा है। हालांकि, पाकिस्तान 104वें स्थान के साथ भारत से आगे बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में युवाओं के बीच बढ़ता सोशल मीडिया उपयोग मानसिक तनाव की बड़ी वजह बन रहा है, जबकि पाकिस्तान में सामाजिक सहयोग अपेक्षाकृत बेहतर माना गया है।
हैप्पीनेस इंडेक्स सिर्फ पैसे या विकास पर नहीं टिका होता, बल्कि कई अहम फैक्टर्स पर आधारित होता है। इसमें किसी देश की प्रति व्यक्ति आय, लोगों की औसत उम्र, जीवन के फैसले लेने की स्वतंत्रता, सामाजिक सहयोग और भ्रष्टाचार का स्तर जैसे पहलुओं को शामिल किया जाता है। इन सभी मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों को ऊंची रैंक मिलती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले देशों को सूची में नीचे स्थान मिलता है।
इस रिपोर्ट में एक गंभीर चेतावनी भी दी गई है, खासकर युवाओं को लेकर। शोध के मुताबिक, सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल सीधे तौर पर खुशहाली को प्रभावित कर रहा है। खासतौर पर 15 साल की लड़कियां जो रोजाना पांच घंटे या उससे ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताती हैं, उनमें जीवन से संतुष्टि कम देखी गई है। वहीं, जो युवा एक घंटे से कम समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं, वे ज्यादा खुश पाए गए। 2026 की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव, खासकर मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल के बीच टकराव जारी है। इसके बावजूद कोस्टा रिका जैसे देशों की प्रगति यह दिखाती है कि मुश्किल हालात में भी खुशहाली को बढ़ाया जा सकता है।