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ब्रेन, हार्ट, किडनी... सब गायब!वेनेजुएला से लौटा भारतीय नाविक का शव, परिजनों का आरोप- शरीर से कई अंग गायब

वेनेजुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद भारत लाए गए भारतीय मर्चेंट नेवी नाविक राकेश चौहान के शव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शव से कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे, जबकि फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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वेनेजुएला से लौटा भारतीय नाविक का शव, परिजनों का आरोप- शरीर से कई अंग गायब

वेनेजुएला से भारत लाए गए एक भारतीय नाविक के शव को देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। परिजनों का आरोप है कि शव से कई महत्वपूर्ण अंग गायब थे। इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक यह भी साफ नहीं बताया गया कि राकेश चौहान की मौत आखिर कैसे हुई।

इस पूरे मामले में फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने भी चिंता जताई है। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है  इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके और परिवार को न्याय मिल सके।

FSUI ने लगाए गंभीर आरोप

फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। संगठन के अनुसार, भारत में हुई आधिकारिक जांच में यह सामने आया कि शव के अंदर कोई भी प्रमुख अंग मौजूद नहीं था।

FSUI का दावा है कि शव से ब्रेन, हार्ट, दोनों फेफड़े, लिवर, दोनों किडनी, स्प्लीन, पैंक्रियास, पेट, आंतें, थायरॉइड, हायोइड, लैरिंक्स और ट्रैकिया जैसे कई महत्वपूर्ण अंग नहीं मिले। संगठन ने यह भी कहा कि शरीर पर गर्दन से लेकर नीचे तक लगभग 22 टांके लगे थे, जबकि सिर के पीछे कान से कान तक करीब 21 टांके दिखाई दिए।

यूनियन का कहना है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार मौत से पहले शरीर पर किसी गंभीर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले। साथ ही यह भी दावा किया गया कि शव को लगभग एक महीने तक डीप फ्रीजर में रखा गया था।

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कौन थे राकेश चौहान?

राकेश चौहान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लंगड़ा बाजार टोला के रहने वाले थे। वे पिछले साल नवंबर में मर्चेंट नेवी में नौकरी करने के लिए वेनेजुएला गए थे। परिवार के मुताबिक राकेश मेहनती और जिम्मेदार इंसान थे। राकेश की शादी साल 2023 में हुई थी। उनके परिवार में पत्नी, छह महीने का एक छोटा बेटा और अन्य परिजन हैं। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी मिलने से घर की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनके निधन की खबर आ गई।

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अचानक आई मौत की खबर

परिवार का कहना है कि सबसे पहले कंपनी की ओर से उन्हें बताया गया कि राकेश जहाज पर गिर गए हैं और उन्हें गंभीर चोट लगी है। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि उनका इलाज चल रहा है। इसके अगले दिन कंपनी की ओर से कहा गया कि राकेश की हालत बेहद गंभीर है और उनके बचने की संभावना केवल 5 प्रतिशत है। उसी दिन शाम को परिवार को फोन कर बताया गया कि राकेश की मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही पूरे परिवार में मातम छा गया। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही शव भारत पहुंच जाएगा, लेकिन इसके लिए उन्हें करीब 60 दिन तक इंतजार करना पड़ा।

शव भारत पहुंचा तो परिवार रह गया दंग

कई कानूनी प्रक्रियाओं के बाद राकेश चौहान का शव भारत लाया गया। लेकिन जब परिवार ने शव देखा तो उनके होश उड़ गए।
परिजनों का आरोप है कि शव की हालत सामान्य नहीं थी। शरीर पर लंबे-लंबे टांके लगे हुए थे। इसके बाद जब जांच की बात हुई तो कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पूरे मामले को और भी रहस्यमय बना दिया। परिवार का कहना है कि उन्हें अब भी यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर राकेश की मौत कैसे हुई और उनके शव के साथ क्या किया गया।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई

फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) का आरोप है कि वेनेजुएला के अधिकारियों ने शव तो भारत भेज दिया, लेकिन उसके साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट या कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं भेजा। यूनियन का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की विदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है, तो मौत के कारणों की पूरी जानकारी परिवार को दी जानी चाहिए। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।

भारत में भी जांच को लेकर सवाल

परिवार का दावा है कि जब शव भारत पहुंचा तो यहां डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें आज तक यह नहीं बताया गया कि राकेश की मौत दुर्घटना में हुई, किसी बीमारी से हुई या फिर इसके पीछे कोई और वजह थी।

परिवार ने मांगी सच्चाई

राकेश चौहान के परिवार का कहना है कि उन्हें किसी तरह का मुआवजा नहीं चाहिए, बल्कि सिर्फ यह जानना है कि उनके बेटे की मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार चाहता है कि भारत सरकार इस मामले में वेनेजुएला के अधिकारियों और संबंधित कंपनी से पूरी जानकारी मांगे। साथ ही मौत से जुड़े सभी दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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