नई दिल्ली। उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते आने वाले दिनों में पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी गई है।
IMD के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अगले 7 दिनों के दौरान लगातार दो से तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इसका सीधा असर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों पर पड़ेगा, जहां 22 से 24 जनवरी के बीच भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में आज बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, 22 से 24 जनवरी के बीच यहां तेज बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी बर्फबारी की चेतावनी है। कई इलाकों में तापमान पहले ही माइनस में पहुंच चुका है। चमोली के वाण गांव में झरनों और खुले में रखा पानी जमने की तस्वीरें सामने आई हैं। प्रशासन ने पहाड़ी सड़कों पर फिसलन को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है।
कश्मीर घाटी में लंबे समय से चले आ रहे शुष्क मौसम के बाद अब 22 और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी के आसार हैं। श्रीनगर समेत मैदानी इलाकों में भी बर्फबारी हो सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, यह बर्फबारी जलस्तर के लिहाज से राहत दे सकती है, लेकिन फिलहाल जनजीवन पर इसका असर पड़ेगा।
दिल्ली-एनसीआर में 23 जनवरी के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। IMD ने गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन बारिश के बाद ठंडी हवाओं से ठिठुरन बढ़ने की संभावना है। कोहरे की स्थिति भी गंभीर हो सकती है।
पंजाब और हरियाणा में अभी भी कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर बना हुआ है। आने वाले दो दिनों में यहां हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, कई इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
राजस्थान में भी नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। राज्य के 6 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश का दौर इस सप्ताह थमने वाला नहीं है और 26 से 28 जनवरी के बीच एक और सिस्टम सक्रिय हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है, जबकि 41 जिलों में तेज हवाओं और आंधी का अलर्ट है। पश्चिमी यूपी से शुरू होकर इसका असर मध्य और पूर्वी यूपी तक पहुंचेगा।
मध्य प्रदेश में बारिश और कोहरे के बाद एक बार फिर तेज सर्दी लौटने की संभावना है। 25 जनवरी के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं और बादलों का सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने से पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। इससे तापमान में गिरावट, पाला पड़ने और शीतलहर जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
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तारीख |
संभावित असर |
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23 जनवरी |
उत्तर भारत में बादल, कई राज्यों में हल्की-मध्यम बारिश, तेज हवाएं |
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24 जनवरी |
बारिश की तीव्रता में कमी, लेकिन ठंडी हवाओं से सर्दी बढ़ेगी |
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी इलाकों में सतर्कता बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। किसानों को भी ओलावृष्टि और बारिश को देखते हुए फसल सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है।
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