शंकराचार्य का बड़ा ऐलान :81 दिनों तक UP की करेंगे परिक्रमा, 3 मई से शुरुआत

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब भाजपा का तेवर अब बदल गया है और इसे उन्होंने ‘भागपा’ कहकर संबोधित किया।
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81 दिनों तक UP की करेंगे परिक्रमा, 3 मई से शुरुआत
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में 81 दिनों की बड़ी परिक्रमा यात्रा का ऐलान किया है। इस यात्रा को ‘गविष्ठि यात्रा’ नाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 3 मई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी। शंकराचार्य के मुताबिक, यह यात्रा की शुरुआत गोरखपुर से होगी और यहीं आकर समाप्त भी होगी।

    उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय की रक्षा और उससे जुड़े मुद्दों को जनता के सामने तथ्यों के साथ रखना है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक और सामाजिक होगी, इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा।

    जहां से शुरुआत, वहीं होगी खत्म

    शंकराचार्य ने आगे कहा कि यह परिक्रमा यात्रा जिस स्थान से शुरू होगी, वहीं इसका समापन भी होगा। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को फिर से सभी लोग एक जगह इकट्ठा होंगे और सभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे बरसात का मौसम ही क्यों न हो, लेकिन लोग बरसाती पहनकर भी इस सभा में शामिल होंगे।

    इस दौरान उन्होंने यह भी घोषणा की कि नागा साधुओं की तर्ज पर एक ‘चतुरंगिणी’ संगठन का निर्माण किया जाएगा, जो धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहेगा।

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    भाजपा पर जमकर गरजे

    लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब भाजपा का तेवर अब बदल गया है और इसे उन्होंने ‘भागपा’ कहकर संबोधित किया।

    हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम राजनीति से जुड़ा नहीं है, बल्कि धर्म से जुड़ा आयोजन है। उनके मुताबिक यह सभा एक तरह से शंखनाद है, जो उत्तर प्रदेश में विभिन्न मुद्दों को लेकर की जा रही पहल का संकेत है।

    कांशीराम और मायावती की जमकर की तारीफ

    अपने संबोधन में शंकराचार्य ने बहुजन आंदोलन के नेता कांशीराम और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम झोला लेकर साइकिल से गांव-गांव जाते थे और लोगों से सीधे बातचीत करते थे। उसी उत्तर प्रदेश में उनकी शिष्या मायावती चार बार मुख्यमंत्री बनी। उन्होंने कहा कि जो नेता जनता के कल्याण के बारे में सोचता है, वही लोगों के आशीर्वाद का हकदार होता है।

    ब्राह्मण समाज और धर्म पर भी बोले

    शंकराचार्य ने अपने भाषण में ब्राह्मण समाज और धर्म की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वेद पढ़ने वाले बटुकों और उनकी परंपरा का सम्मान होना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि ब्राह्मण का जन्म केवल सुख भोगने के लिए नहीं बल्कि तपस्या और धर्म की रक्षा के लिए हुआ है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि धार्मिक परंपराओं और प्रतीकों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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